Haritanjaliexpress….. रायपुर कलेक्टर निर्वाचन आयोग के खिलाफ़ आवेदन दिये बहुजन समाज पार्टी
मतदाता प्रकाशन दिनांक 02 / 08 / 2023 में प्रकाशित मतदाता सूची में सतनामी
समाज (अनु जाति) को हरिजन पारा शब्द उल्लेखित कर प्रकाशित किया गया है।
जो कि विधि विरुद्ध व असंवैधानिक है जिसका बहुजन समाज पार्टी घोर विरोध एवं
निन्दा करती है।
01. यह कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 02/08/2023 को जारी किया गया है जिसमे छ.ग. के 90 विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची में अनु जाति सतनामी समाज के लोग निवासरत है उस मोहल्ले को हरिजन पारा लिख कर प्रकाशित किया गया है जो कि गैर कानूनी है, जिससे सतनामी समाज अपने आप में अपमानित महसूस कर रहे हैं।
02. यह कि निर्वाचन आयोग द्वारा जानबुझकर अनु जाति सतनामी समाज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के नियत से इस प्रकार का प्रतिबंधित शब्दों का प्रयोग किया गया है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा हरिजन शब्दों को प्रतिबंधित किया गया फिर नी माननीय निर्वाचन आयोग द्वारा उक्त शब्दों का प्रयोग कर सतनामी समाज को अपमानित किया गया है जो कि अपराध के श्रेणी में आता है।
103. यह कि महामहीम राष्ट्रपति महोदय द्वारा भारत सरकार के समाजिक न्याय व अधिकारीता मंत्रालय के पत्र दिनाक 22/11/2012 व क्रमांक 17020/64/2010/ SCD (RL (CELL) के मार्फत सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को सर्कुलर जारी
04 कर हरिजन शब्द के सरकारी कामकाज में इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने की आदेश दिये
गया है। इसी के साथ वर्ष 2008 में केरल सरकार भी हरिजन शब्द के इस्तेमाल में पूर्णत रोक लगायी जा चुकी है। इसके बावजूद भी निर्वाचन आयोग द्वारा अनुजाति (सतनामी) सामाज) को अपमानित करने के नियत से यह कृत्य (घृणित कार्य किया गया है। 05 यह कि, वर्ष 2023 में प्रकाशित मतदाता सूची में लिखे गये असंवैधानिक शब्द (हरिजन पारा) को विलोपित कर नया मतदाता सूची संपूर्ण छारा प्रदेश में जारी करने की मांग करती है।
106 यह कि, बहुज समाज पार्टी निर्वाचन आयोग से यह मांग करती है कि उक्त घृणित मानसिकता के अधिकारी कर्मचारी द्वारा सर्वे का काम किया गया है उन लोगो को तत्काल नौकरी से निलंबित (बर्खास्त करें।
07. यह कि, 2023 के मतदाता सूची में प्रतिबंधित शब्दों को दिलोपित नहीं किया जाता है तो बहुज समाज पार्टी उक्त अधिकारी व कर्मचारी व निर्वाचन आयोग के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने मजबूर होगी।
