कुछ लोगों को पैरों को क्रॉस करके बैठने की आदत होती है। ऑफिस हो या फिर डाइनिंग टेबल हर जगह वो पैरों को एक दूसरे के ऊपर चढ़ाकर बैठते हैं। खासतौर पर महिलाओं को अक्सर पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने की सलाह दी जाती है। भले ही उन्हें बैठने में ये पोजीशन काफी कंफर्टेबल लगती हो लेकिन ये शरीर की सेहत के लिए जरा भी अच्छी नही है। काफी सारी रिसर्च में पता चल चुका है कि क्रॉस करके पैरों को बैठना बेहद हानिकारक है। इससे ना केवल पोश्चर बिगड़ता है बल्कि शरीर में ये सारी गड़बड़ियां भी पैदा होने लगती हैं।
हिप का आकार बिगड़ जाता है
पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से हिप का एलाइमेंट बिगड़ जाता है। जिसकी वजह से एक हिप ऊपर और दूसरा नीचे होने लगता है। हिप का आकार बिगड़ने से आपके बैठने की पोजीशन हमेशा के लिए बिगड़ सकती है।
पैरों में जम जाते हैं खून के थक्के
पैर के ऊपर पैर टिकाकर बैठने से ब्लड सर्कुलेशन डिस्टर्ब होता है। जब हम एक पैर पर दूसरा पैर टिका देते हैं तो पैर के निचले हिस्से की ओर जाने वाले वेसल्स में खून का संचरण रुक जाता है। जिसकी वजह से खून के थक्के जमने लगते हैं। जिसकी वजह से रेस्टलेस लेग सिंड्रोम और पैर में दर्द की शिकायत होने लगती है।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
लगातार क्रॉस लेग करके बैठने से पैरों तक ब्लड का सर्कुलेशन रुकने लगता है। जिसकी वजह से हार्ट को ब्लड तेजी से पंप करना पड़ता है और नतीजा ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। इस बात को ऐसे समझ सकते हैं कि अगर अस्पताल में ब्लड प्रेशर चेक करवाया जाए तो वहां हमेशा दोनों पैरों को जमीन पर टिकाने की सलाह दी जाती है। जिससे ब्लड प्रेशर को सही काउंट किया जा सके।
पोश्चर बिगड़ जाता है
क्रॉस लेग बैठने की वजह से गर्दन पर भी असर पड़ता है। वहीं पेल्विस और लोअर बैक के टेढ़े होने का खतरा रहता है।
स्पर्म काउंट पर असर
रिसर्च के मुताबिक क्रॉस लेग करके बैठने से स्पर्म काउंट पर भी असर पड़ता है। टेस्टिकल्स का तापमान सामान्य से 2-6 डिग्री ज्यादा बढ़ जाता है। जिसकी वजह से स्पर्म काउंट और क्वालिटी पर असर पड़ता है।
