शारदीय नवरात्रि देवीपूजन के प्रमुख पर्व का 23 अक्टूबर सोमवार को सुबह 6:28 से सर्वार्थसिद्धि योग में हवन व देवी स्वरूपा 9 कुमारी कन्यापूजन उपरांत कन्या भोजन के साथ पूर्ण होगा। हवन सामग्री में कमलागट्टा, लौंग, खीर अवश्य शामिल करें सर्वप्रथम अग्नि व गणेश जी के साथ पंचदेवता, नवग्रह, क्षेत्रपाल, ग्राम देवता एवं स्थान देवता को आहुति दें। इसके बाद मंत्र ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डयै विच्चै नम: से स्वाहा कहते हुए आहुति दे। यह बात एस्ट्रो केसी पाण्डेय ने कही।
केसी पाण्डेय ने बताया कि भक्तजन 24 अक्टूबर मंगलवार को दशहरा के दिन सुबह 6:29 के बाद पारण करेंगे। असत्य पर सत्य के विजय का प्रतीक पर्व विजयादशमी (दशहरा ) हर्षोल्लास के साथ 24 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जायेगा। धर्मग्रंथो के अनुसार दशहरे के दिन ही भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था तथा शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध भी किया था।
इसीलिए अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य व अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में दशहरा पर्व मनाया जाता है। पौराणिक व धार्मिक मान्यता के अनुसार दशहरे के दिन शुरू किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है। इस दिन शस्त्र पूजन व नीलकंठ पक्षी दर्शन का भी विशेष महत्व है, शत्रुओं पर सफलता प्राप्त करने के लिए इस दिन सीमोलंघन भी अवश्य करना चाहिए व शमी वृक्ष की पूजा भी करना चाहिए।
दशहरा पूजन, जयंती धारण शुभ मुहूर्त:
सुबह 8.19 से 10.38 स्थिर लग्न वृश्चिक
शमी वृक्ष पूजन:
सुबह 11.40 से 12.25 अभिजीत मुहूर्त
शस्त्र पूजन मुहूर्त:
दोपहर 1.10 से दोपहर बाद 2.40 तक मंगल, सूर्य होरा,अमृत की चौघड़िया, बल व विजय मुहूर्त
24 अक्टूबर 2023 को रावण दहन का समय शाम 6 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
