बदलता मौसम सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या लेकर आता है। खासतौर पर अस्थमा के मरीजों को इस वक्त पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। जिससे उन्हें अस्थमा अटैक की समस्या ना होने पाए। अस्थमा के मरीजों को दवा से ज्यादा अपने खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देने की जरूरत होती है। सर्दी की हल्की दस्तक के साथ ही डाइट में इन चीजों को शामिल करने से अस्थमा की बढ़ने वाली तकलीफों से छुटकारा पाया जा सकता है। आगे जानें कौन से वो फूड्स हैं जिन्हें अस्थमा के मरीज डाइट में शामिल करें।
संतरा
अस्थमा की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो फलों को अपने डेली रूटीन में शामिल करें। खासतौर पर संतरा, इसमे विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है और ये फेफड़ों के अंदर होने वाली सूजन को खत्म करता है। जिससे सांस लेने की समस्या परेशान नहीं करती है। इसके साथ ही रोजाना सेब अस्थमा के लक्षणों को कम करता है।
अदरक
स्टडी के मुताबिक अदरक सांस की नली की सूजन खत्म कर उन्हें रिलैक्स करने में मदद करता है। अदरक को अगर हर दिन सूप या सब्जी में मिलाकर खाया जाए। या अदरक की चाय पी जाए तो अस्थमा के मरीजों को बदलते मौसम में होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। हालांकि अदरक की मात्रा को बहुत ज्यादा ना खाएं नहीं तो ये पेट में जलन पैदा कर सकता है।
हल्दी
अदरक और हल्दी एक ही फैमिली के पौधे हैं। इन दोनों को डाइट में लेने से सांस की तकलीफों में आराम मिलता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन की समस्या को खत्म करता है। अस्थमा में फेफड़ों और सांस नली में होने वाली सूजन में आराम देने के लिए हल्दी का सेवन फायदेमंद है।
पालक
हरी पत्तेदार सब्जिया सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है। खासतौर पर पालक, ये ढेर सारे विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर है। पालक में फोलेट यानी विटामिन बी काफी ज्यादा मात्रा में होता है और अस्थमा के मरीजों के लिए फोलेट बेहद जरूरी है। रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जिन बच्चों को बचपन में फोलेट और विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता उन्हें अस्थमा होने के चांस करीब आठ गुना ज्यादा होता है, उन बच्चों की तुलना में जिन्हें फोलेट और विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में मिला होता है।
अनार
अनार एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और रिसर्च के मुताबिक अनार का जूस पीने से फेफड़ों के टिश्यू के डैमेज होने के चांस कम रहते हैं। साथ ही अनार सांस नली में सूजन को कम कर जरूरी न्यूट्रिशन देता है।
टमाटर का जूस
टमाटर के बीज को छोड़ दिया जाए तो ये काफी फायदेमंद है। इसमे एंटीऑक्सीडेंट होने के साथ ही लो कैलोरी फ्रूट में गिया जाता है। अगर आप टमाटर का जूस पीते हैं तो ये सांस लेने की तकलीफ को कम करता है।
