भारतीय जनता पार्टी के उन सांसदों को राजधानी नई दिल्ली स्थित सरकारी बंगला खाली करना होगा, जिन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों में जीत के बाद इस्तीफा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए बीजेपी नेताओं को 30 दिन का समय दिया गया है। लोकसभा आवास समिति की ओर से यह फैसला लिया गया और इसे लेकर को नोटिस भी भेजा जा चुका है। जिन लोकसभा सांसदों को 30 दिन के भीतर घर खाली करने का नोटिस दिया हैं उनमे राकेश सिंह, अरुण साव, गोमती साय, रिति पाठक, बाबा बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दीया कुमारी और उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। मालूम हो कि इस्तीफा देने वाले 8 सांसदों में से 3 को मंत्रालय सौंपे गए थे। इसलिए उन्हें शहरी विकास मंत्रालय से आवंटन मिलता है।
गुरुवार को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और रेणुका सिंह सरुता का इस्तीफा स्वीकार किया था। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद से उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए। पीएम की सलाह पर राष्ट्रपति ने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा को कृषि मंत्रालय और किसान कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को राज्य मंत्री के तौर पर जल शक्ति मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
केंद्रीय मंत्रियों तोमर, पटेल और सरुता का इस्तीफा
इसके अलावा, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार को जनजातीय कार्य के मंत्रालय में राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। भाजपा ने फैसला किया था कि हाल में राज्य विधानसभाओं के लिए चुने गए उसके सभी 12 सांसद संसद की सदस्यता छोड़ देंगे, जिसके बाद केंद्रीय मंत्रियों तोमर, पटेल और सरुता ने इस्तीफा दे दिया। इससे संकेत मिलते हैं कि वे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में नई सरकारों में शामिल हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद सरुता ने हाल में राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा था और भरतपुर-सोनहत सीट से जीत दर्ज की थी।
