हारितंजलि एक्स्प्रेस न्यूज…रायपुर(27जनवरी2023)। छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने एक बार फिर से सरकार का ध्यानाकर्षण कराने के लिए पांच दिन के महापड़ाव का आयोजन किया है। सोमवार को धरना स्थल में तीन संघों के धरना प्रदर्शन के चलते सड़क और स्टेडियम के अंदर बैठकर उन्हें अपना प्रदर्शन करना पड़ा। करीब 15 से 20 हजार की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंची थी जोकि अभी भी ज़ारी है, जिससे आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताले पड़ गए हैं। संगठन की ओर से आयोजित महापड़ाव में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने हिस्सा लिया। विभागीय मंत्री के निज सहायक से संगठन के पदाधिकारियों की बात हुई लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं होगा और आंदोलन ज़ारी रहेगा। 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जा रहा है।
संगठन की ओर से ज़ारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के प्रांतीय निर्देशानुसार 23 से 27 जनवरी तक रायपुर बूढ़ा तालाब में महापड़ाव करने का निर्णय लिया गया है। चुनाव पूर्व जारी जन घोषणापत्र को लागू करने, कलेक्टर दर पर कार्यकर्ता सहायिकाओं को मानदेय, नर्सरी शिक्षक का दर्जा और 6 सूत्री मांगों की पूर्ति नहीं होने पर 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर रहने की सूचना संयुक्त मंच के प्रांतीय शाखा रायपुर के द्वारा 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री, मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य सचिव और संचालक महिला बाल विकास विभाग को दी गई। इसी तरह 02 जनवरी को परियोजना और 09 जनवरी को जिला स्तर पर सूचना दी जा चुकी है। इसके बाद भी मांगों की पूर्ति नहीं की गई, साथ ही महापड़ाव करने के लिए ही बूढ़ा तालाब धरना स्थल की अनुमति मात्र 1 दिन के लिए 24 जनवरी को दी गई। विज्ञप्ति में बताया गया है कि धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के द्वारा मंत्री से मुलाकात कराने के नाम पर संयोजक मंडल को मंत्री निवास ले जाया गया लेकिन मंत्री अन्यत्र दौरे पर चली गई थी। वहां उपस्थित उनके निजी सचिव से मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई, जिस पर उन्होंने जन घोषणा पत्र के संबंध में कहा कि उक्त विषय में मुख्यमंत्री ही बताएंगे, बाकी मांगों पर दिए गए जवाब से संयोजक मंडल संतुष्ट नहीं हुए।धरना स्थल पर लौटकर उपस्थित आंदोलनरत कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को उक्त चर्चा से अवगत कराया गया। जिस पर सभी भड़क गए और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहने लगे कि ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री हमारे पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन के समय दिए थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि दो-तीन माह के अंदर सभी मांगों को पूर्ण किया जाएगा मगर आज दिनांक तक लंबित है। इसलिए हम मंत्री के निज सचिव के आश्वासन को नहीं मानते, हमारी हड़ताल जारी रहेगाी। ज्ञात हो कि 05 दिन से महाधरना से लौटते वक्त बस्तर संभाग की 02 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी और 05 कार्यकर्ता घायल हो गए। जिन्हें आज तक कोई उचित मुआवजा भी नहीं मिला है और न हीं घायलों का उचित उपचार हुआ
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजीयन क्रमांक 409 और संयुक्त मंच के द्वारा सहयोग राशि प्रदान किया गया। पूर्व सूचना के अनुसार 28 जनवरी से जिला मुख्यालयों में 11 से 03 तक धरना प्रदर्शन मांगों की पूर्ति होने तक जारी रखेंगे। महापड़ाव धरना स्थल से वापस पहुंचने के बाद सभी जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन की सूचना जिला व परियोजना में 27 जनवरी के पूर्व देंगे। घोषित महापड़ाव की तिथि तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे, साथ ही विभागीय मासिक रिपोर्ट विभाग को नहीं देंगे। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस में सभी अपने केंद्र के प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे लेकिन अपने केंद्रों में ताला बंद ही रखेंगे। यह भी जानकारी दी गई है कि 23 से 27 जनवरी तक महापड़ाव को असफल करने हमारे दूर दराज के कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को रास्ते से वापस लौटाने के लिए पुलिस प्रशासन के द्वारा दबाव बनाया गया। जगह जगह रेल मार्ग रेल, सड़क मार्ग में बसों को और छोटी छोटी गाड़ी में जाने वालों को रोका गया, यह क्रम 24 जनवरी तक चला।
