सरगुजा. उदयपुर विकासखंड में अडानी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एक मात्र सैनेटरी पैड उत्पादन केंद्र क्षेत्र की किशोरियों और महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है. महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति (मब्स) की महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे सैनेटरी पैड उत्पादन केंद्र ने न सिर्फ आसपास की जरूरत मंद महिलाओं को रोजगार का सृजन कर आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि गांवों में भी माहवारी सुरक्षा के लिए किशोरियों और महिलाओं को जागरूक कर रहा है.
सरगुजा क्षेत्र के समुदायों में मासिक धर्म के दौरान गंदे कपड़े और अन्य वस्तुओं का उपयोग करने की आदतों को बदलने अडानी फाउंडेशन द्वारा माहवारी के दिनों में स्वच्छता के लिए सुरक्षात्मक कदम उठाने की मुहिम चलायी गई. जिसके तहत आस-पास के गांव परसा, साल्ही, बासेन, तारा, घाटबर्रा, फतेहपुर, शिवनगर और डांडगांव सहित कुल 12 सरकारी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता के कदम के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही स्कूल की किशोरी बालिकाओं के माहवारी सुरक्षा के लिए स्कूलों में मुश्कान के नाम से निःशुल्क सैनेटरी पैड का वितरण के साथ साथ वेंडिंग मशीन भी लगाए जा रहे है. वहीं पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से इनके निस्तारण के लिए इन्हीं स्कूलों में इन्सिनरेटर मशीन भी लगाई गई है. इस पहल का मकसद ये है कि सैनेटरी पैड वेंडिंग मशीनों से स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियां और शिक्षिकाएं अपनी मां, बहन, रिश्तेदार या स्वयं के लिए आसानी से सैनिटरी पैड प्राप्त कर सकें और इसका निपटान करके पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकें.
