रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन भी सवाल जवाब का दौर जारी रहा है। विधानसभा की तीसरे दिन सदन में विपक्ष के द्वारा हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई का मुद्दा जोरदार गूंजा है। शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा करने की मांग की थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को आदिवासियों के सुरक्षा कवच के रूप में माना जाता है। महंत ने मांग करते हुए कहा कि जंगलों को बचाना चाहिए , पेड़ों की लगातार हो रही कटाई पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। यह मामला बेहद ही गंभीर है इसे दिल्ली और राज्य के बीच का मामला ना बनाया जाए।
विपक्ष ने उठाया मुद्दा तो शुरू हुआ हंगामा
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने हसदेव से जुड़ा मुद्दा उठाया है। महंत ने हसदेव के जंगल कटाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मसले पर वह स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते है। जिसकी सूचना देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में हसदेव के बाहर भी साढ़े 3.5 लाख मिलियन टन कोयले का भंडार है। हसदेव के जंगल में 70 अधिक प्रकार के पशु-पक्षी, 100 से ज्यादा की प्रजाति के जीव-जंतु है। यहां पेड़ों की कटाई से लगातार प्रदूषण बढ़ेगा और जीव जंतु को भारी नुकसान होगा। महंत ने कहा कि पेड़ों की कटाई से लगातार हाथी मानव द्वंद बढ़ेगा। यह महत्वपूर्ण विषय है इस पर चर्चा की जानी चाहिए।
पूर्व सीएम ने हसदेव पर कहा
हसदेव मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सदन में आवाज उठाई है। भूपेश बघेल ने कहा कि विधानसभा मं सर्व सम्मति से अशासकीय संकल्प पारित होने के बावजूद पेड़ों की कटाई हुई है। बघेल ने कहा कि पता नही कौन सी अदृश्य शक्ति है कि पेड़ों की कटाई सरकार बनने से पहले शुरू हो गई, गोबर खरीदी बंद हो गई, राज्य में तोड़-फोड़ शुरू हो गया है। बघेल ने कहा कि लगातार पेड़ों की कटाई से कई जिलों में आज सिंचाई भी प्रभावित होगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा-यह बजट सत्र
विपक्ष के द्वारा सदन में नेता प्रतिपक्ष और अन्य विधायकों ने हसदेव को लेकर स्थगन लाने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह बजट सत्र है इसलिए इस बात को करने की अनुमति अभी नहीं दी जा सकती है, यह विपक्ष से आग्रह कहा जा सकता है। हसदेव के मामले में चर्चा करने से मना करने पर विपक्ष के विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस हंगामें के बाद सदन की कार्रवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई है।
