रायसेन। मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। इसे लेकर अभी से चुनावी तैयारियां देखी जा रही है। शायद यही कारण है कि लोग चुनाव से पहले सरकार से अपनी मांग कर रहे है। दरअसल, प्रदेश के कुछ जिलों में स्व सहायता समूह की महिलाओं और रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है।
5 माह से नहीं मिला खाद्यान्न
अजयारविंद नामदेव, शहडोल।जिले के बुढ़ार ब्लॉक की लगभग 450 स्व सहायता समूह की महिलाएं और रसोईयों ने आज अपनी मांग को लेकर अलग ही ढंग से विरोध जताया है। सहायता समूह की महिलाओं का आरोप है कि 5 माह से खाद्यान्न नहीं मिल रहा, जिससे मध्यान भोजन प्रभावित हो रहा है। आलम ये है कि बाजार से चावल खरीदकर बच्चों को खिलाना पड़ रहा है।
जिसके लिए अधिकरियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी तरह से रसोईयों ने भी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ विमुख होकर विरोध किया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम बुढ़ार सीईओ को ज्ञापन सौंपा है।

इस महंगाई के दौर में 8 रुपए में कैसे दे बच्चों को पोषण आहार
अंकित तिवारी, बरेली(रायसेन)। Raisen जिले स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि बच्चों को पोषण आहार और मध्यान भोजन देने के लिए शासन की ओर 7 से 8 रुपये की राशि मिलती है। इस महंगाई के दौर में कच्ची खाद्य सामग्री और गैस सिलेंडर के भाव आसमान छू रहे हैं। 8 रुपये में समोसा नहीं आता, तो हम बच्चों को भोजन कैसे उपलब्ध कराएं।
वहीं खाना बनाने वाले रसोइया को 2 हजार रुपये तनखा दी जा रही है, जो कि बढ़ाकर 6 हजार रुपये की जाए। साथ ही महिलाओं ने बताया कि वेतन उन्हें समय पर नहीं मिलता, कई महीनों तक इंतजार भी करना पड़ता है। बच्चों का पोषण आहार बनाने की खाद्यान्न सामग्री भी समय पर नहीं मिल पाती। जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को लेकर महिलाओं ने एकत्रित होकर बरेली एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।

तीन दिवसीय चूल्हा बंद आंदोलन
दीपक कौरव, नरसिंहपुर। Narsinghpur जिले में भी स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रदर्शन किया। राशि बढ़ाने को लेकर तीन दिवसीय चूल्हा बंद आंदोलन की शुरुआत तेंदूखेड़ा से हो चुकी है। मंगलवार को तेंदूखेड़ा तहसील अंतर्गत स्व सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय चूल्हा बंद आंदोलन कर मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। इस दौरान समूह की महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए रैली भी निकाली।
