रतलाम। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन चालक वाहनों में ओवर लोड करने से बाज नहीं आं रहे है। परिवहन विभाग व पुलिस की यदा-कदा होने वाली कार्रवाई भी इस पर रोक नहीं लगा पाई है। एक सप्ताह पहले सैलाना के बोदिना रोड पर चलती जीप की छत से गिरने पर किशोरी की मौत हो गई थी। वहीं गुरुवार शाम करीब सवा चार बजे रावटी थाना क्षेत्र के ग्राम देवला के समीप यात्रियों से भरा लोडिंग वाहन पलट गया। इससे उसमें सवार 16 व्यक्ति घायल हो गए।
सीमेंट भरकर वाहन चालक रावटी जा रहा था
जानकारी के अनुसार छोटे लोडिंग वाहन में ग्राम सिंगत से सीमेंट भरकर वाहन चालक रावटी जा रहा था। उसने वाहन में 20 से अधिक लोगों को भी बैठा लिया था। ग्राम देवला के समीप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे वाहन में सवार 11 वर्षीय सविता पुत्री बालू डामोर निवासी ग्राम बोरवा, 12 वर्षीय धापू पुत्री केहरिंग निवासी ग्राम जामपाड़ा, 14 वर्षीय राधि पुत्री केहरिंग निवासी ग्राम जामपाड़ा, 29 वर्षीय लीलाबाई पत्नी बहादुर मईड़ा, छह वर्षीय आशीष पुत्र बहादुर मईड़, 30 वर्षीय जमुना पत्नी दिनेश, सात वर्षीय राजेश पुत्र बालू चरपोटा, 60 वर्षीय रामी पत्नी कोदर चरपोटा, 55 वर्षीय रुपली पत्नी वरसिंह भाभर, 27 वर्षीय श्यामूसिंह मईड़ा पुत्र दुल्हेसिंह मईड़ा, 50 वर्षीय बसंती पत्नी रामसिंह सिंगाड़ सभी निवासी ग्राम मेघलाखाली आदि घायल हो गए। घायलों को रावटी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल सविता व दिनेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
मात्र दो दिन चली कार्रवाई
एक सप्ताह पहले बोदिना के पास चलती जीप की छत से गिरने से 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई थी। इस पर जिला परिवहन विभाग व पुलिस ने संयुक्त रूप से सैलाना व आसपास के क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाकर कुछ वाहन चालकों के खिलाफ क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर चालानी कार्रवाई की थी। दो दिन चले चेकिंग अभियान के बाद कार्रवाई बंद कर दी गई। आटो में 15 से 20 व मैजिक वाहनों पर 35 से 40 यात्री तक बैठाए जा रहे हैं। वहीं जीप में 30 से 35 लोगों को बैठाया जा रहा है। लोगों का कहना है चेकिंग अभियान निरंतर चलाया जाना चाहिए। ओवरलोडिंग पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
