रायपुर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने छत्तीसगढ़ में पीएम श्री योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। भारत सरकार शिक्षा के विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी। पीएम श्री योजना के द्वितीय चरण में छत्तीसगढ़ की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक से अधिक स्कूलों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों में पीएम श्री योजना की आज शुरूआत की गई है। जिसके तहत 2-2 करोड़ प्रति स्कूल राशि खर्च कर स्कूलों को बड़े शहरों और विश्व स्तर के आदर्श स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राईजिंग इंडिया’ प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना का प्रमुख आधार है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है, जब प्रदेश में पीएम श्री योजना प्रारंभ हो रही है। इसकेे लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ में हम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर बच्चों को आने वाले जीवन के लिए तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ सबका विकास के ध्येय वाक्य के साथ विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है। इसे प्राप्त करने के लिए हम विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ में शिक्षा का जो हाल है, वह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के विकास के लिए बजट में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती के साथ स्कूल भवनों के निर्माण सहित अनेक प्रावधान किए गए हैं। हमें खाली खजाना मिला लेकिन चिन्ता की बात नहीं है। जब डबल इंजन की सरकार है। हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध प्रदेश बनाने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि पीएम श्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चयनित 211 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और स्कूलों की अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। ताकि विद्यार्थी आने वाले जीवन के लिए तैयार हों।
