

गांधीनगर शंकर नगर के पास से लगा हुआ श्रम एरिया सीखना सिखाना शिविर का आयोजन किया गया शिविर चलता था जिसमें 20 बच्चे सम्मिलित हुए सबसे पहले शिविर में परिचय से शुरुआत हुआ शिविर का उद्देश्य बताया गया बच्चों ने खुद से अपने-अपने नाम का पंजीकरण किया फिर उन्होंने अपना परिचय हिंदी अंग्रेजी दोनों भाषा में दिया फिर योग प्राणायाम भजन गीत नित्य से शुरुआत हुई फिर अच्छी आदतों के बारे में बताया गया उन बच्चों को खेल के माध्यम से पढ़ाई को जोड़ा गया बापूजी कहते हैं

खेल खिलाए उसके बाद बाल गंगाधर तिलक का खेल कराया गया फिर बच्चे अपने मन से कुछ कहानी चुटकुले बोलने लगे उनको फिर चित्र बनाने व रंग भरने का काम देकर व चॉकलेट देकर घर भेजा गया सभी खुशी-खुशी अगले दिन फिर आएंगे ऐसा बोलकर चले गए इस प्रकार पहले दिन के शिविर से मुझे यह समझ में आया कि बच्चों का परिवेश आसपास का माहौल बहुत लाभकारी होता है बच्चों को सिखाने में 23/ 4/24 दूसरे दिन फायर द माउंटेन गेम कराया फिर योग प्राणायाम खेल के माध्यम से बच्चों को खेल खिलाया गया

फिर बच्चों ने खुद से अपने घर के आस-पास के वातावरण के बारे में बोला अपने व अपने-अपने घर का परिचय दिया 24/ 4/ 24 को बच्चों को चित्रकारी करने का काम दिया गया सभी बच्चे बैठ करके चित्रकारी किया वह उसे पर अपना विचार अभिव्यक्त किया 27/ 4/ 24 को बच्चों ने अपने-अपने पढ़ाई वह क्या बनना चाहते हैं इस टॉपिक पर समूह में कार्य किया दिनांक 28/ 4/24 को सुबह 8:00 बजे शिविर लगाया गया जिसमें करीब 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया और शिविर की शुरुआत योग ध्यान प्राणायाम व्यायाम इत्यादि से किया गया उसके बाद बच्चों को अलग-अलग समूह में बांटा गया

वह कुछ परिस्थितियों दी गई कि अगर आप स्कूल जा रहे हो और रास्ते में कोई बुढी महिला गिर गई हो बीमार हो तो आप क्या करोगे ऐसे अलग-अलग ग्रुप को अलग-अलग परिस्थितियों दिया गया व उस पर बोलने के लिए कहा गया 29/4/ 24 को विद्यार्थियों को खुद से कहानी बनाने के लिए कहा गया जिसमें बहुत सारे विद्यार्थियों ने कहानी बनाया दिनांक 30 /4/ 24 को शिविर की समाप्ति करने की घोषणा की गई थी परंतु विद्यार्थियों के और शिविर को बढ़ाने के कारण इसे एक दिन और बढ़ाया गया और दिनांक एक 1/5/24 24 को इस शिविर का समापन पुरस्कार वितरण के साथ किया जाएगा।।
