राजनांदगांव। को देश के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्म हम दो हमारे बाहर पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर आज मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही समाज द्वारा यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि फिल्म रिजील होती है तो सिनेमाघरों के बाहर समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस फिल्म के रिलीज होने से देश की एकता व अखंडता पर बुरा असर पड़ सकता है।
जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के अध्यक्ष रईश अहमद शकील ने बताया कि हम दो हमारे बारह नाम से बनी फिल्म के ट्रैलर से यह बात सामने आई है कि मुस्लिम समाज को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठी व बेबुनियाद बात को लेकर सत्य से परे फिल्म का निर्माण किया गया है और यह फिल्म 7 जून 2024 से रिलीज होने वाली है जिससे मुस्लिम समाज में गहरा रोष व्याप्त है, इसके अतिरिक्त पवित्र कुरआन आयातों का गलत मतलब निकालकर मुस्लिम समाज के दिल को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है। मुस्लिम महिलाओं व हमारी मां-बहनों के बारे में कुरआन का हवाला देकर अमर्यादित टिप्पणी कर उन्हें अपमानित किया गया है। फिल्म के डायरेक्टर कमल चन्द्रा ने यह फिल्म लाकर समाज एवं देश की एकता एवं अखंडता के वातावरण को पूर्णतः दूषित करने का प्रयास किया है और समाज में अशांति व हिंसा फैलाने की साजिश रची गई है, ताकि मुस्लिम समाज में आक्रोश एवं तनावग्रस्त व विवाद की स्थिति निर्मित हो।
मुस्लिम समाज ने सरकार, प्रशासन और सेंसर बोर्ड से अपील है कि इस फिल्म को रिलीज होने से रोके वर्ना कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होगी, जिसकी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी, यदि इसके बावजूद यह फिल्म रिलीज की जाती है तो सिनेमा टॉकिज के समक्ष मुस्लिम समाज द्वारा पूरजोर विरोध आंदोलन किया जायेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान रईश अहमद शकील, अब्दुल रशीद खान, तनवीर अहमद, वसीम झाड़ोदिया, मोहम्मद फारूख, मोहम्मद इब्राहीम, जाकिर हुसैन अंसारी, फिरोज सौदागर सहित काफी संख्या में कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित थे।
