रायपुर।महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी भवन जैतू साव मठ पुरानी बस्ती में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुभारंभ गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि- महात्मा गांधी भगवान राम के परम भक्त थे वे जहां भी किसी भी सभा में जाते थे उसकी शुरुआत रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम गायन से किया करते थे। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय में गोली लगने के पश्चात -हे राम! कहकर अपने प्राण का त्याग किया था! वे परम वैष्णव थे। उनका प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाने रे! सभी सनातन धर्मावलंबियों के बीच बहुत ही लोकप्रिय है। मठ के सचिव महेंद्र अग्रवाल ने गांधी जी का स्मरण करते हुए कहा कि -गांधी जी का पदार्पण जैतू साव मठ में दो बार हुआ था उन्होंने समाज सुधार एवं भारतवर्ष को आजाद कराने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रोफेसर किशोर अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भारतवर्ष के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया गया। कार्यक्रम का संचालन अजय तिवारी ने किया। इस अवसर पर विशेष रूप से डा.सुरेश शुक्ला, बसंत शर्मा, प्रोफेसर उज्जवल ठाकुर, धनेंद्र मुंशी, दीपक पाठक,रामअवतार तिवारी, निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे।
