आज युवा के संडे स्पेशल क्लास में मुख्य अतिथि के रूप में 94.3 माय एफएम के आरजे अनिमेष थे।
आज के कार्यक्रम के शुरूआत में युवा सदस्यों ने आरजे अनिमेष का स्वागत शॉल, श्रीफ़ल, सूत का माला और पुष्प गुच्छ से किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के आसंदी से बोलते हुए आरजे अनिमेष ने अपनी छात्र जीवन के संघर्ष की दास्तां युवा सदस्यों के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि शुरूआत के दिनों में अपना लक्ष्य भारतीय सेना में शामिल होने का रखा और इसीलिए सिर्फ सीडीएस और एसएसबी की परीक्षा ही देते रहे। उसके बाद उन्होंने यूपीएससी करने की ठानी लेकिन उन्हें इस परीक्षा की तैयारी हेतु उचित मार्गदर्शन नहीं मिला। लेकिन कॉलेज के दिनों में जेबखर्च को पूरा करने के लिए आकाशवाणी के युववाणी कार्यक्रम के आकस्मिक उद्घोषक के रूप में किए गए काम ही उनके कैरियर को आरजे के रूप में पहचान मिली। उन्होंने युवा में उपस्थित छात्रों से कहा कि आरजे के रूप में पूरे छत्तीसगढ़ में उन्हें ख्याति दिलाई और तकरीबन खेल और ग्लैमर के दुनिया के सभी बड़े हस्तियों के साथ उन्होंने कार्य किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे भी पारंपरिक कैरियर के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अपना कैरियर बना सकतें हैं। छात्रों के पूछने पर उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, एएएफटी विश्वविद्यालय आदि में डिग्री हासिल कर छात्र प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अच्छा रोजगार पा सकते हैं।
इसके अलावा उन्होंने उनके जीवन को गढ़ने के लिए अपनी माँ का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के छोटे से गाँव टेमरी में रहने के बावजूद वो उन्हें हमेशा स्कूली पढ़ाई के दौरान ही साहित्य और काव्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करती थी और उनकी इसी प्रेरणा के कारण उनको बिना किसी डर या झिझक के लोगों के सामने प्रस्तुति के आदत ने ही आज उन्हें एफएम रेडियो में काम का अवसर दिया।
उन्होंने उपस्थित छात्रों से अखबार को नियमित रूप से पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता की पहली सीढ़ी नियमित समाचार पत्र वाचन है। उन्होंने छात्रों को यह कहा कि किसी भी विषय की पढ़ाई को कहानी बना कर पढ़नी चाहिए ताकि उस विषय की रोचकता भी बनी रहे और तथ्यों को याद करने में भी आसानी होगी।
इसके अलावा उन्होंने उपस्थित छात्रों से कहा कि किसी भी काम को करते समय उसके परिणाम की चिंता किये बिना पूरी ईमानदारी और शिद्दत से करनी चाहिए। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किया गया अध्ययन ही आज उनके किसी भी कार्यक्रम को होस्ट करते समय काम आता है, श्रोताओं को उनके बातों में हमेशा जो एक नयापन सुनने को मिलता है, दरअसल वो उनके पहले किये गए पढ़ाई का कमाल है।
कार्यक्रम के अंत में “समपर्ण योगाश्रय” के संचालक श्री यश बजाज ने आगामी गर्मी के मौसम में पक्षियों को प्यास से बचाने के उद्देश्य से आरजे अनिमेष के कर कमलों से सकोरा वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करवाया। आरजे अनिमेष ने यश बजाज के इस नेक पहल की सराहना की और उपस्थित छात्रों को सकोरा वितरित करते हुए कहा कि ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम उन बेजुबान परिंदों का भी ख्याल करें, जिनके वजह से हमारी पारिस्थिकी में संतुलन बना रहता है।
कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए संस्था युवा की सचिव सुश्री पल्लवी वर्मा ने कहा कि आरजे अनिमेष के वाकपटुता, हाज़िर जवाबी और हमेशा मुस्कराता हुआ चेहरा के कारण छात्रों को उनके सुनने का उत्साह पूरे कार्यक्रम के दौरान बना हुआ था और उनकी यह सीख की किसी को हंसाने के पहले खुद भी मुस्कुराना पड़ता है और मुस्कुराता हुआ चेहरा हमेशा अच्छा लगता है। इसीलिए किसी भी कठिन परिस्थिति में भी हम मुस्कुराना याद रखेंगे।
