108 एंबुलेंस सेवा वाली कंपनी का कार्यकाल खत्म अब नए टेंडर की तैयारी शासन की संवेदनशील निशुल्क 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा के प्रदेश की सड़कों पर दौड़ते 5 साल पूरे हो चुके हैं इसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग में उच्च स्तर पर नए टेंडर की सुविधा शुरू हो गई है जय अंबे इमरजेंसी सर्विस जिस 300 नई एंबुलेंस के साथ इस सेवा का संचालन कर रही है इसके द्वारा एडवांस लाइफ सपोर्ट वाली एंबुलेंस के साथ शासन से मिली 28 गाड़ियों का उपयोग भी किया जा रहा है वर्ष 2019 में जिस को जिस को इस महत्वपूर्ण सुविधा के संचालन की जिम्मेदारी मिली थी इसके पूर्व जीवी द्वारा शासन के उपलब्ध कराए गए वाहनों के माध्यम से लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा था 10 साल से ज्यादा समय से उपयोग की वजह से वहां करनन हो गए थे संबंधित कंपनी द्वारा नई एंबुलेंस लाने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनी पुरानी वाहनों की तरफ ध्यान देना छोड़ दिया था विभागीय लापरवाही की वजह पुरानी 108 एंबुलेंस को विभिन्न स्वास्थ्य केदो में खड़ा कर दिया गया है और सभी बड़े-बड़े कंडोम हो गए हैं इन एंबुलेंस के इंजन सहित जरूरी हिस्से गायब हो गए और ढांचा बाकी रह गया क
जय अंबे 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा के टेंडर 5 साल के पूरे होने के बाद में भी इनका कार्यकाल चला रहा उनकी कई शिकायतें भी आई पर कोई कार्यवाही नहीं हुई कुछ दिन पहले भी घोटाले की शिकायत आई थी जिस पर भी कार्रवाई नहीं हुई थी और टेंडर पूरे होने की जानकारी इनको भी है पर फिर भी टेंडर अपनी चला रहे हैं अब नए टेंडर की तैयारी में है
जय अंबे 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा के टेंडर 5 साल के पूरे होने के बाद भी उनका कार्यकाल चल रहा था, जिस पर कई शिकायतें आईं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। हाल ही में घोटाले की शिकायत भी आई थी, जिस पर कार्रवाई नहीं हुई थी। अब नए टेंडर की तैयारी की जा रही है ¹।
इस बीच, आयकर विभाग ने जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज के विभिन्न ठिकानों पर छापा मारा है, जिसमें टैक्स चोरी के आरोप लगाए गए हैं ²। यह कार्रवाई जय अंबे कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतों के बाद की गई है।
108 एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉक्टर डीके तुर्के ने बताया है कि संबंधित एजेंसी का अनुबंध पूरा हो चुका है और अब नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि 5 साल उपयोग से किसी वाहन को कंडम नहीं कहा जा सकता है।
इस बीच, कुछ एंबुलेंस पर आग लगाकर उन्हें स्वाहा कर दिया गया है। इसके अलावा, निशुल्क एंबुलेंस सेवा सही समय पर नहीं मिलने की शिकायत भी दूर-दुरुस्त इलाकों से आती रहती है। दूरस्थ अंचलों में मोबाइल नेटवर्किंग की कमी, विभिन्न मार्गों की लंबी दूरी और एंबुलेंस और जरूरतमंद के लोकेशन के बीच की दूरी भी इसकी वजह बनती है।
