रायपुर, 8 मई 2025 –
रायपुर
शहर ब्लॉक के अंतर्गत न्यू कन्या सरस्वती विद्यालय, पुरानी बस्ती में एक दिवसीय प्रधान पाठक सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 77 प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठकों ने सहभागिता की।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य था—प्रधान पाठकों द्वारा अपने विद्यालयों में कक्षा-कक्ष में प्रिंट रिच वातावरण, प्रत्येक कक्षा में पठन कोना (रीडिंग कॉर्नर) का निर्माण एवं सक्रिय पुस्तकालय के माध्यम से शिक्षण को समृद्ध बनाने हेतु किए गए नवाचारों को साझा करना। कई प्रधान पाठकों ने कार्यशाला स्थल को सजीव कक्षा के रूप में रूपांतरित कर प्रतिभागियों को व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान किया।
इन नवाचारों के प्रभाव की चर्चा करते हुए प्रधान पाठकों ने बताया कि इससे छात्रों को FLN (Foundational Literacy and Numeracy) प्राप्त करने में मदद मिली और FLN प्राप्त कर चुके छात्र अब ग्रेड स्तर के अधिगम तक पहुँचने लगे हैं।
इस अवसर पर जनपद सीईओ रायपुर, जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री पटले जी, एवं शहरी स्रोत समन्वयक श्री शिरीष तिवारी जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बबोधनों के माध्यम से सभी प्रधान पाठकों की सराहना की और उन्हें निरंतर नवाचार करते रहने के लिए प्रेरित किया।
प्रस्तुति देने वाले प्रधान पाठक:
आनंद मसीह (प्रा. शा. अमलीडीह) – पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग और बच्चों की अभिव्यक्ति पर कार्य।
ममता देवांगन (प्रा. शा. घनश्यामनगर), सरिता शर्मा (प्रा. शा. सड्डू), मीरा साहू (प्रा. शा. कांपा), किरण सिंह (प्रा. शा. भनपुरी), एवं एम. गुरुनाथ (गोकुल राम वर्मा प्रा. शा.) – प्रिंट रिच वातावरण और पठन कोने पर नवाचार।
सेमिनार के अंत में एक खुला सत्र आयोजित किया गया जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने संवाद किया और आगे की योजना पर सामूहिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
यह संगोष्ठी एक प्रेरणादायक मंच सिद्ध हुई, जिसने यह स्पष्ट किया कि प्रधान पाठकों की सक्रिय भूमिका, शिक्षक-छात्र सहयोग और स्थानीय नवाचार कैसे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दे सकते हैं।

