दिनांक 06,06,2025
मैं तीजराम चौहान उम्र लगभग 62 वर्ष पिता स्व. मालिक राम चौहान कार्यक्षेत्र बम्हनीडीह जांजगीर चांपा है। मैं बम्हनीडीह में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर नियुक्त हूं।
वर्तमान में मेरी पत्नि भानुमति द्वारा महिला आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराया गया था जिसके संबंध में मुझे आयोग से कॉल आया था और मुझे 30.05.2025 को महिला आयोग के समक्ष उपस्थित होने कहा गया। एक दिन पूर्व ही मैं रायपुर आ गया था। रायपुर में मेरा निवास महादेव घाट रोड रायपुरा में स्थित है मैं वहां रामदुलारी चौहान और अपने 2 बच्चों के साथ रहता हूं। हमने विधिवत विवाह तो नहीं किया है किंतु पति पत्नी के रूप में पिछले 16 वर्षों से साथ रहते आ रहे हैं। दिनांक 30.05.25 को मैं घर से सुबह 10.30 बजे निकलकर महिला आयोग लगभग 11 बजे उपस्थित हो गया। एक घंटे के पश्चात् वहां पर मेरी पत्नि भानुमती तीनों बच्चे व अन्य लोगों की उपस्थिति में कार्यवाही प्रारंभ की गयी थी।
भानुमति के साथ मेरा विवाह 14 वर्ष की आयु में ही कर दिया गया था मेरे 21 वर्ष पूर्ण होने के पहले ही तीनों बच्चों की जिम्मेदारी मुझ पर आ गयी थी। मैं पिता का कर्तव्य पूर्ण रूप से निभाते रहा और मेरे दोनों बेटे पढ़ लिखकर काबिल हुए और सरकारी नौकरी प्राप्त हुआ। मेरी बेटी और दोनों बेटों का विवाह भी धूमधाम से मेरे द्वारा कराया गया। भानुमति पढ़ी लिखी नहीं थी साथ ही वह इतनी विचित्र महिला थी कि कभी भी पति रूप में अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं की मेरे साथ मेरे नौकरी के दौरान कभी भी साथ नहीं रही और कभी कुछ दिनों के लिए भी बच्चों के साथ रहने मेरे पास नहीं आयी। मैं बीमार या किसी भी हालत में रहूं उसे किसी भी प्रकार से मुझ पर दया भावना नहीं रखी। बच्चों को भी यही शिक्षा दी और मेरे तीनों बच्चे भी सिर्फ और सिर्फ मेरे पैसों से मतलब रखते रहे। सन् 2006 में मेरा बुरी तरह से एक्सीडेंट हुआ था लेकिन उस वक्त न ही मेरे बच्चों ने न ही भानुमति ने मेरा साथ दिया उसी हालत में मैं वापस रायपुर आया तब मेरी मुलाकात रामदुलारी से हुआ उसने मेरी तनमन से सेवा किया। स्वस्थ होकर मैं वापस अपने कार्य में व्यस्त हो गया। सन् 2009 में मेरा और भानुमती का विवाद होने पर मेरे बच्चों व भानुमति ने मुझे घर से मारपीट कर भगा दिया और किसी ने भी 2009 के बाद जानने का प्रयास नहीं किया कि मैं किस हालत में हूं।
दिनांक 30.05.25 को प्रकरण में क्या शिकायत की गयी है इसके बारे में आयोग द्वारा मुझे कुछ नहीं बताया गया न ही कोई मौका दिया गया और आयोग की अध्यक्षा श्रीमती किरणमयी नायक सीधे आरोप बताते हुए पूर्व पत्नी के रहते तुमने दूसरा विवाह कर लिया तुम अपने बच्चों का भरण पोषण नहीं किए और सारी बातें बोलते हुए मुझे बोलने ही नहीं दिया गया और सीधे कान पकडाकर सबके सामने मुझे जलील किया गया और सबके
आयोग की अध्यक्षा श्रीमती किरणमयी नायक जी को मेरा पक्ष सुनना ही नहीं था तो एकतरफा आदेश पारित कर देती। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से जो भी शारीरिक, आर्थिक, मानसिक सभी प्रकार की परेशानी हो रही उसकी जिम्मेदारी क्या आयोग की अध्यक्षा श्रीमती किरणमयी नायक या उनके सदस्यगण पर होगी ? महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक जी ने जो भी कार्यवाही मेरे विरूद्ध की है बिना ही किसी प्रमाण व आधारों के मुझको बदनाम करने के नीयत से की है और आज स्वास्थ्य को लेकर जो भी स्थिति है उसकी पूरी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ किरणमयी नायक जी और आयोग के सदस्यगणों की है। यदि इन दिनों मुझे कुछ भी हो जाता है तो उसकी सारी जिम्मेदारी मेरे पत्नी व बच्चों से ज्यादा महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती किरणमयी नायक जी की होगी। मुझे बदनाम करने की कोई भी कसर आयोग की अध्यक्षा महोदया ने नहीं छोडा है।
मैंने मानव आयोग में भी इस बात की शिकायत दर्ज करा दी है और पुलिस अधिक्षक महोदय के समक्ष भी कार्यवाही किए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है साथ ही भविष्य में श्रीमती किरणमयी नायक जी के विरूद्ध माननीय न्यायालय के समक्ष भी अपना आवेदन प्रस्तुत कर न्याय मांगी जावेगी।
रायपुर छ.ग.
दिनांक 06.06.25
तीजराम चौहान
मो.नं. 8871193324
