राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के एंटरप्रेन्योरशिप सेल द्वारा मंगलवार को संस्थान के पीपीटी हॉल में “पिच क्लैश 2025” का सफल आयोजन किया गया। यह उद्यमिता पर आधारित प्रतियोगिता नवोन्मेषी युवाओं को अपने व्यावसायिक विचारों को निवेशकों और विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत करने का सशक्त मंच प्रदान करती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जिसमें संस्थान के कई गणमान्य अधिकारी एवं अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर करियर डेवलपमेंट सेंटर (सीडीसी) के प्रमुख डॉ. समीर बाजपेयी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीन) डॉ. मनोज कुमार चोपकर, एंटरप्रेन्योरशिप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. आर. एन. पटेल, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की फैकल्टी इंचार्ज डॉ. रम्या सेल्वराज, एनआईटी रायपुर रिसर्च फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एनआईटीआरआरएफआईई) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री मेधा सिंह, गिमबुक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री यश अग्रवाल एवं सीडीसी के सहायक कुलसचिव श्री पवन कटारिया प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों और स्थानों से कुल 14 टीमों ने फाइनल राउंड में जगह बनाई। सभी टीमों ने क्रमवार अपने अनोखे और प्रभावशाली स्टार्टअप विचारों को प्रस्तुत किया।
टीम वारियर्स ने अपने ब्रांड अर्का (ARKA) के माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनका स्टार्टअप मंदिरों में उपयोग के बाद बचे फूलों को पुनर्चक्रित कर जैविक स्किनकेयर, वीगन लेदर और पर्यावरण हितैषी गिफ्टिंग उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित है। टीम फोर्ज अहेड ने प्रो-वेंड (Pro-Vend) के साथ पहला रनर-अप स्थान हासिल किया, जो जिम के लिए डिज़ाइन की गई एक स्वचालित प्रोटीन वेंडिंग मशीन है, जो तुरंत, स्वच्छ और कस्टमाइज्ड न्यूट्रिशन प्रदान करती है। वहीं टीम चक्रव्यूह ने प्रोजेक्ट किसान (Project Kisan) के माध्यम से दूसरा रनर-अप स्थान प्राप्त किया, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों को सशक्त बनाना और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता टीमों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के विचारों, प्रस्तुति कौशल और नवाचार भावना की सराहना की। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं निर्णायकों का आभार व्यक्त किया और युवा उद्यमशीलता की इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
