सूरजपुर/अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 से अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) द्वारा व्याख्याता की स्वीकृत पदों पर नियमित व्याख्याता समान अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं परंतु आज तक इन्हें नियमित नहीं किया गया है जिसकी मांग इनके द्वारा लगातार अपने स्तर किया जाता रहा है। इसी तारतम्य में आज केबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाडे जी से मिलकर ज्ञापन सौंप अपनी मांग को रखा जिसपर मंत्री महोदया ने आश्वासन दिया अवश्य आपकी मांग को पूरा किया जाएगा एवं माननीय शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव जी से दूरभाष के माध्यम से उन्होंने हमारी मांगों के संबंध में उनको अवगत कराया जिस पर शिक्षा मंत्री महोदय के द्वारा कहा गया आने वाले समय में उनकी मांगों के संबंध में कार्य किया जाना है।
अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संघ के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा आज मंत्री महोदया के गृह ग्राम बीरपुर ( सूरजपुर)में उनसे मुलाकात कर अपनी मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया। बातों को ध्यान से सुनते हुए मंत्री महोदया ने आश्वासन दिया कि आप सभी का कार्य सराहनीय है आप सभी निरंतर कार्य में लगे हुए हैं । बताते चले कि भाजपा की सरकार के द्वारा ही 2016 में सरगुजा एवं बस्तर में विद्या मितान को हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में सम्बन्धित विषय में स्नातकोत्तर एवं बीएड अहर्ता धारी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार रखा गया था। बाद में पूरे प्रदेश में भी भरती की गई थी परंतु बच्चों का भविष्य बनाने वाले यह अतिथि शिक्षक (विद्या मितान) अपने भविष्य के प्रति ससंकित हैं क्योंकि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई भी सरकार उचित कदम नहीं उठा रही है प्रदेश में आज भाजपा की सरकार है इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी नेता मंत्री लोगों के साथ मुलाकात कर अपनी जायज मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को रख रहे हैं। जहां कहीं भी अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं वहां पर नियमित शिक्षकों की भर्ती सभी कार्य शुरू से करते आ रहे हैं जैसे कक्षा शिक्षक, आई.सी.टी. प्रशिक्षण, चुनाव निर्वाचन, एन.एस.एस. प्रभारी, छात्रवृत्ति प्रभारी, बोर्ड परीक्षा कार्य (पर्यवेक्षक, बाह्य पर्यवेक्षक, 10वी, 12वी, पेपर मुल्यांकन) आदि कार्य किया जा रहा है।
अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कई वर्षों से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन की माग करते आ रहे हैं, एतएव समय-समय पर शासन द्वारा कई आदेश पत्र भी जारी की गई जिसमें यह कहा गया कि “जिन शालाओं में अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं वहा पर किसी भी नियमित शिक्षकों की सीधी भर्ती, पदोन्नती एवं स्थानान्तरण नही किया जाना है क्योकि अतिथि शिक्षक की संविलियन की मांग की जा रही है।” अर्थात रिक्त पद की जानकारी में कार्यरत अतिथि शिक्षक के पद को भरा हुआ मानकर जानकरी मंगाई जाती है।
प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) द्वारा मुख्यतः ये मांगे रखते आ रहें हैं
समस्त राज्य स्तरीय अतिथि शिक्षक विद्यामितान का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन समायोजन किया जाए ।
समान कार्य समान वेतन पद के समक्ष मूल वेतनमान प्रदान किया जाए ।
राज्यस्तरीय अतिथि शिक्षकों के समस्त शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश के पात्रता प्रदान की जावे ।
ग्रीष्मकालीन अवधि का नियमित मानदेय प्रदान किया जावे।
मुख्य रूप से उपस्थित राज यादव (प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष) , हसनैन खान जी , दीपेंद्र राजवाड़े जी ,विकास गुप्ता जी, राजेश गुप्ता जी, राजू पासवान जी एवं अन्य उपस्थित थे।।
