रायगढ़। शहर में जिंदल स्टील कंपनी लिमिटेड के खिलाफ फर्जी तरीके से जमीन खरीदने का मामला सामने आया है। महिला आयोग में दर्ज शिकायत के आधार पर प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने मामले की सुनवाई की और आवेदिका की ओर से प्रस्तुत आवेदन की जांच की। आवेदिका ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी ससुर की तीन भाइयों के संयुक्त स्वामित्व में लगभग डेढ़ एकड़ जमीन थी। इसके बावजूद अनावेदक चाचा-ससुर ने अपने अकेले के हस्ताक्षर से पूरी
संपत्ति
का बिक्रीनामा जिंदल स्टील कंपनी लिमिटेड रायगढ़ को कर दिया। आवेदिका ने स्पष्ट किया कि इस बिक्री में उनके ससुर और एक अन्य भाई के कोई हस्ताक्षर नहीं थे। महिला आयोग के समक्ष अनावेदक चाचा-ससुर ने स्वीकार किया कि उन्होंने अकेले के हस्ताक्षर से तीनों भाईयों की संयुक्त संपत्ति को जिंदल स्टील लिमिटेड को बेच दिया। उन्होंने यह भी माना कि आवेदिका के ससुर ने इस प्रक्रिया में कोई हस्ताक्षर नहीं किया। अनावेदक ने बताया कि जिंदल स्टील लिमिटेड ने कहा कि अकेले के हस्ताक्षर से बिक्रीनामा संभव है।
इसलिए उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए। आवेदिका के अनुसार, उनके ससुर की जानकारी के बिना जमीन कंपनी के नाम कर लेने की यह कार्रवाई फर्जी है और इसके आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज किया जा सकता है। महिला आयोग ने भी इस तथ्य की पुष्टि की कि अनावेदक की स्वीकारोक्ति से स्पष्ट हो गया है कि जमीन फर्जी तरीके से कंपनी के नाम कर दी गई। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शेष अनावेदकों को पुलिस के माध्यम से उपस्थित होने का आदेश दिया। आयोग ने कहा कि सभी पक्षों की सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई
तय
की जाएगी। प्रकरण की अगली सुनवाई आगामी तारीख पर निर्धारित की गई है। इस तरह के फर्जी बिक्रीनामा और जमीन विवाद न केवल परिवारिक रिश्तों में तनाव पैदा करते हैं बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं को भी जटिल बना देते हैं। ऐसे मामलों में प्रभावित पक्षों को उचित कानूनी सहायता लेने की आवश्यकता होती है। आवेदिका ने महिला आयोग से मांग की है कि उनकी ससुर की जमीन का हिस्सा सभी अनावेदकों से वापस लिया जाए और जमीन के स्वामित्व में स्पष्टता सुनिश्चित की जाए। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा कि जांच के बाद यदि दोष साबित होता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ में यह मामला संपत्ति विवाद और फर्जी बिक्रीनामा के खिलाफ एक मिसाल बन सकता है। स्थानीय नागरिकों और संपत्ति मालिकों के लिए यह चेतावनी है कि वे जमीन के हस्तांतरण में पूरी सावधानी बरतें और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य करें।
