
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों पर बढ़ रहे हमलों की घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। ताज़ा घटना में हमारे शिक्षक साथी श्री रूपेश जोशी, संकुल समन्वयक खुर्सीपार, जिनकी बी.एल.ओ. ड्यूटी भिलाई में लगी थी, अपने कार्य का निर्वहन कर रहे थे। शाम के समय वहीं के एक मतदाता ने गाली-गलौज करते हुए उन पर ईंट से हमला कर दिया। यह कृत्य अत्यंत निंदनीय, अस्वीकार्य और शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि इसी प्रकार की घटना जांजगीर में भी पहले घट चुकी है, जिससे स्पष्ट होता है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों के दौरान शिक्षक लगातार खतरे में रहते हैं। यह स्थिति शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करती है और सुरक्षा के प्रति गंभीर सवाल खड़े करती है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ निम्नलिखित मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपेक्षा करता है:
1. शिक्षकों को BLO, सर्वे, जनगणना एवं अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
2. सरकारी शिक्षकों को सुरक्षा कवरेज (Security Cover) और बीमा सुविधा (Insurance Protection) प्रदान की जाए।
3. शिक्षक रूपेश जोशी पर हमले के दोषियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
4. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा संबंधी स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं।
यदि शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती और गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त नहीं किया जाता, तो फेडरेशन राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए दृढ़ता से खड़ा है।
शिक्षक समाज का निर्माण करते हैं — उन पर किसी भी प्रकार का हमला असहनीय और अक्षम्य है।
प्रदेश अध्यक्ष
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़
