
जिससे राज्य की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। विभाग ने 14 नई बड़ी सिंचाई योजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ाने और भू-जल स्तर को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं से राज्य में 1,00,000 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
1. बस्तर जिला: देऊरगुड़ा बैराज सह उठान सिंचाई परियोजना
2. बस्तर जिला: मटनार बैराज सह उठान सिंचाई परियोजना
3. रायपुर जिला: महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना
4. रायपुर जिला: कुन्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि जलावर्धन योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुन्हारी जलाशय तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य
इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और भू-जल स्तर में सुधार होगा
जल संसाधन विभाग के कार्यों और दायित्वों का विस्तृत विवरण दिया गया है। विभाग का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, संवर्धन और नवीन योजनाओं का निर्माण करना है, जिससे अधिक से अधिक कृषकों तक सिंचाई का लाभ पहुंच सके।
जल संसाधन विभाग के प्रमुख कार्य:
जल संरक्षण और संवर्धन
नवीन सिंचाई योजनाओं का निर्माण
बाढ़ नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए योजनाएं बनाना
जल संसाधनों का रखरखाव और संरक्षण
कृषि, पेयजल वितरण और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जल की आपूर्ति करना
इन कार्यों के माध्यम से जल संसाधन विभाग राज्य के सर्वांगिण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग की उपलब्धियां बहुत ही प्रभावशाली हैं! पिछले दो वर्षों में 25000 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता वृद्धि और जल संचयन के लिए विभिन्न अभियान और पुरस्कार प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि है।
जल संसाधन विभाग की प्रमुख उपलब्धियां:
25000 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता वृद्धि
जल संचयन और संरक्षण के लिए “कैच द रेन” अभियान
जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त
जल संरक्षण 2.0 पर सफलता की महोत्सव जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित
विभिन्न जिलों में जल संचयन और संरक्षण के लिए पुरस्कार प्राप्त
इन उपलब्धियों से पता चलता है कि जल संसाधन विभाग जल संरक्षण, संचयन और बेहतर जल प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग की उपलब्धियां बहुत ही प्रभावशाली हैं! विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
73,601 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार/पुनर्स्थापन के लिए 477 योजनाओं के लिए 1874.87 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
विशेष केंद्रीय सहायता के तहत 896 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त कर कार्य कराया गया।
आवर्धन जल प्रदाय योजना/जल जीवन मिशन/अमृत मिशन के तहत 18 औद्योगिक संस्थानों को 12.80 मिलियन घन मीटर और पेयजल के लिए 43.30 मिलियन घन मीटर वार्षिक जल आवंटित किया गया।
– वर्ष 2024-25 में खरीफ और रबी सिंचाई के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 14,52,477 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गई, जो लक्ष्य का 87.82% है।
– वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिंचाई योजनाओं के निर्माण के लिए कृषकों की अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का विलंबित मुआवजा भुगतान के लिए 400 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान किया गया।
– बस्तर अंचल में सिंचाई संसाधनों के विकास को गति देने के लिए जगदलपुर में मुख्य अभियंता कार्यालय के लिए 36 पदों की स्वीकृति प्रदान की गई।
– विभाग में 83 सहायक अभियंताओं की नियुक्ति की गई।
– बंध सुरक्षा पुनर्वास परियोजना (फिप-3) के तहत 3 वर्षों से लंबित 9 बंधों के सुदृढ़ीकरण के लिए 536 करोड़ के कार्यों के लिए सहमति प्रदान की गई।
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग की उपलब्धियां बहुत ही प्रभावशाली हैं! विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
– कुनकुरी में जल संसाधन विभाग के एक नए अनुविभागीय कार्यालय (विभूत/यांत्रिकी) की स्थापना की गई, जिससे क्षेत्र की लघु सिंचाई योजनाओं के संचालन एवं संधारण के कार्यों में सुविधा होगी।
– आदिवासी बहुल क्षेत्र जशपुर जिले में सिंचाई संसाधनों के विभाग को गति देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक 22.10.2024 को उद्घाटन कर कुनकुरी में पृथक से कार्यपालन अभियंता कार्यालय प्रारंभ किया गया।
– विभाग के अंतर्गत वर्ष से लंबित 115 सिंचाई योजनाओं, जिसमें 76094 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित किया जाना शेष है, को पूरा करने अटल सिंचाई योजना के नाम से चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाना है।
– जिला जशपुर के मयाली बंध में दिनांक 22.10.2024 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में मयाली बंध में विभिन्न पयर्टन एवं नौकायान की सुविधा को समर्पित किया।
– जिला धमतरी में दिनांक 05 एवं 06 अगस्त 2024 को जिला धमतरी के गंगरेल बंध में दो दिवसीय “जल जागर महोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन कर जल संरक्षण एवं संवर्धन का महत्व पर प्रकाश डाला।
– जिला बेमेतरा को माननीय केंद्रीय मंत्री जल शक्ति विभाग द्वारा जल परिवर्तन शीलता वैश्विक पुरस्कार 2024 जल निकायों का पुनरोद्धार के श्रेणी में प्रदान हुआ।
– राजस्थान के उदयपुर में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय राज्य जल मंत्री सम्मेलन 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य के जल संचयन के लिए जनभागीदारी के प्रयासों की सराहना हुई।
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग आगामी 3 वर्षों में कई नई परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बना रहा है, जिससे राज्य की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। विभाग ने 14 नई बड़ी सिंचाई योजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ाने और भू-जल स्तर को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं से राज्य में 1,00,000 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में शामिल हैं:
1. बस्तर जिला: देऊरगुड़ा बैराज सह उठान सिंचाई परियोजना
2. बस्तर जिला: मटनार बैराज सह उठान सिंचाई परियोजना
3. रायपुर जिला: महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना
4. रायपुर जिला: कुन्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि जलावर्धन योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुन्हारी जलाशय तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य
इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और भू-जल स्तर में सुधार होगा।
