आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत तक: 2047 की ओर बढ़ता भारत
आज देश में हर आम आदमी के मन में एक सवाल है—भारत की अर्थव्यवस्था आखिर किस दिशा में जा रही है? क्या हमारा देश सच में आत्मनिर्भर बन रहा है? और क्या 2047 तक भारत को एक विकसित देश कहा जा सकेगा?
पिछले कुछ वर्षों में भारत की आर्थिक स्थिति में साफ़ बदलाव देखने को मिला है। आज भारत दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। देश की कुल अर्थव्यवस्था (GDP) लगभग 3.5 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुँच चुकी है। भारत की विकास दर भी 6 से 7 प्रतिशत के बीच बनी हुई है, जो कई बड़े देशों से बेहतर है।
आज “आत्मनिर्भर भारत” केवल नारा नहीं रह गया है।
अब लोग UPI और डिजिटल पेमेंट से रोज़मर्रा का लेन-देन कर रहे हैं।
मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई ज़रूरी सामान अब देश में ही बनने लगे हैं।
छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भी भारत तेज़ी से आगे बढ़ा है। आज देश में एक लाख से ज़्यादा स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं, जिससे युवाओं को नौकरी खोजने के साथ-साथ नौकरी देने का मौका भी मिल रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि 2047, यानी आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक, भारत को एक विकसित देश बनाया जाए। इसके लिए सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बिजली, इंटरनेट, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर लगातार काम हो रहा है। इनसे आम आदमी की ज़िंदगी आसान हो रही है और देश की रफ्तार भी बढ़ रही है।
आज दुनिया भी भारत की ओर नए नज़रिए से देख रही है। भारत अब सिर्फ़ अपनी बात नहीं करता, बल्कि दुनिया के सामने संतुलन, सहयोग और शांति का संदेश रखता है। इसी वजह से भारत को एक भरोसेमंद देश के रूप में माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, भारत सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। चुनौतियाँ जरूर हैं, लेकिन मेहनत, ईमानदारी और देशवासियों के सहयोग से आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना पूरा किया जा सकता है। अगर यही प्रयास जारी रहे, तो 2047 तक भारत एक मजबूत और सम्मानित देश के रूप में दुनिया के सामने खड़ा होगा।
विचारक:
सीए किशोर हेमराज बरड़िया
(पूर्व अध्यक्ष, ICAI –Central region )

