रायपुर. विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट शाखा रायपुर द्वारा अवधपुरी मैदान, गुढ़ियारी में पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी महाराजश्री श्रीमद् भगवद् पुराण कथा के पंचम दिवस आरती पश्चात प्रभु श्री कृष्ण की बाल एवम् गोवर्धन लीलाओं की कथायें सुनाये.
महाराज श्री ने कहा कि भगवान सर्वत्र हैं बस उनके प्रति मन का भाव, प्रेम का हो. समाज में सभी वर्ग के लोगों की आवश्यकता होती है बस कार्य बंटे हुए है. सभी अपना-2 कार्य सम्मान से कर रहे थे परंतु अंग्रेजों और नेताओं ने जाति के आधार पर हमारा विभाजन कर दिया. अब जब संत समाज को एकजुट करने लगे हैं तो सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी गलत छबि दिखाई जा रही है.
छत्तीसगढ़ बहुत ही पावन धरा है जहां जगह-2 मंदिर हैं. गांव-2 में धार्मिक आयोजन होते ही रहते हैं. बच्चों को मंदिर अवश्य ले जायें, उन्हें कथाओं में भी ले जायें. धर्मो रक्षति रक्षित:, धर्म ही है जो हमें मर्यादा में रहकर जीना सिखाता है अन्यथा पशु और हममें कोई अंतर नहीं रह जाता. शास्त्रों को अगर हम पूरा नहीं भी पढ़ पायें तो उसके किसी एक मंत्र का भी अगर हम निरंतर मनन करते रहें तो भी हमारे जीवन की नैया पार लग जाती है. बालक के जन्म लेते ही उसके कानों में स्वास्ती वाचन मंत्र सुनाये. पहले हमारी सम्पन्नता गौ माता की संख्या से देखी जाती थी आज भव्य मकानों, महंगी गाड़ियों से देखी जा रही है. हम सबका कर्तव्य है कि हम गौ माता की सेवा करें.
महाराजश्री ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की कुछ कथायें सुनाईं जिसमें पूतना वध, कालिया नाग का वध, माखन चोरी, गोपियों से ठिठोली, सुखिया फल बेचने वाली, कुबेर के पुत्रों का उद्धार, बकासुर-अकासुर वध, ब्रज की गलियों में धमा-चौकड़ी, अपने मुख में माता कौशल्या को ब्रह्मांड दर्शन आदि. महाराजश्री ने बताया कि अगर किसी कन्या के विवाह में विलम्ब हो तो माँ कात्यायनी जी के 108 बार नित्य मंत्रोच्चार से यह बाधा दूर हो जायेगी.
कथा को श्री गिरीराज जी की ओर बढ़ाते हुए उन्होंने बताया कि जब वे ब्रजवासियों को ध्यान लगवाकर गिरीराज जी के दर्शन करवाये तो उन्हें साक्षात् प्रभु श्री कृष्ण के ही दर्शन हुए. भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को श्री गिरीराज जी एवं गौ माता की पूजा के लिये प्रेरित किये. पूजा पश्चात जब सभी को प्रसाद वितरण हो रहा था तब नारद जी भी पहुंचे थे, जो प्रसाद तो लिये पर जाकर इन्द्र देव से कहे आपकी महिमा कम हो रही है. ब्रजवासी अब आपकी नहीं श्री गिरीराज जी की पूजा कर रहे हैं जिससे क्रोधित होकर इन्द्र देव ने भयंकर वर्षा कर ब्रज को पानी में डूबो दिया, तब भगवान श्री कृष्ण ने अपनी एक अंगुली से गिरीराज पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों एवं गौ माताओं की रक्षा किये.
-गिरीराज धरण, प्रभु तुम्हरी शरण…!!
-कन्हैया आला रे, जरा मटकी संभाल ब्रज बाला…!!
-तू एक बार आ जा श्री राम जी की शरण में…!!
आदि संगीतमयी भजनों में श्रद्धालुगण झूमते-नाचते रहे. आज मुख्य रुप से श्री दूधाधारी मठ के सर्वराकार राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदर दास जी, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा जी, मुख्य सचिव श्री दयानंद पाण्डेय जी, सीएम ओएसडी श्री रवि मिश्रा जी कथा श्रवण करने पहुंचे जिनका महाराजश्री ने दुप्पटा पहनाकर सम्मान किया. यजमानगण जितेन्द्र अग्रवाल सारिका अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, ओमप्रकाश मिश्रा, मयंक वैद्य, चन्द्रचूड़ त्रिपाठी, रोहित मिश्रा,आशीष तिवारी, नितिन कुमार झा आदि आरती एवं व्यवस्था में शामिल रहे. कल षष्ठम दिवस महाराज श्री द्वारा रास-लीला एवम् कृष्ण-रुक्मिणि विवाह प्रसंग की कथा सुनाई जायेगी. उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी नितिन कुमार झा ने दी.
नितिन कुमार झा
मीडिया प्रभारी
श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति
मो. 7999594065
