राजनांदगांव
इस अभियान के तहत राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम लगातार निरीक्षण और कार्रवाई कर रही है, ताकि नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके और वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हाल ही में तहसीलदार लाल बहादुर नगर, अमीय श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ग्राम खुबाटोला में इमारती लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। निरीक्षण के यह पाया गया कि लकड़ी को बिना किसी वैध दस्तावेज और अनुमति के वाहन में लादकर ले जाया जा रहा था। अवैध परिवहन की सूचना पर राजस्व टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लकड़ी को जप्त किया और संबंधित वाहन चालक से पूछताछ की। जप्त लकड़ी और परिवहन वाहन को कार्रवाई के लिए वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। तहसीलदार अमीय श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, बल्कि स्थानीय वन संपदा और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान से अवैध लकड़ी परिवहन में लगे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि जिले में अवैध परिवहन, वनों की कटाई और वन संपदा के शोषण पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले में किसी प्रकार की ढील नहीं बरतेगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Also Read – संभाग स्तरीय युवा संसद के आयोजन का सांसद महेश कश्यप ने किया शुभारम्भ वन विभाग और राजस्व टीम ने बताया कि अभियान के दौरान वाहन और लकड़ी की सही जांच के लिए आधुनिक तकनीक और दस्तावेज़ सत्यापन का उपयोग किया जा रहा है। अवैध परिवहन रोकने के लिए इलाके में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। इस कार्रवाई से न केवल अवैध व्यापार और वनों के शोषण पर नियंत्रण मिलेगा, बल्कि यह जिले में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को भी बढ़ाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे, और अवैध लकड़ी परिवहन में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि राजनांदगांव प्रशासन पर्यावरण संरक्षण, नियम पालन और कानून व्यवस्था के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अभियान के दौरान ग्रामीण और स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगना और भी प्रभावी बन गया है।
