राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल में एक भव्य एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़–उड़ीसा सब एरिया, रायपुर के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रव्यापी सैन्य बैंड प्रदर्शनों की श्रृंखला की प्रदेश में पहली प्रस्तुति थी।
इस अवसर पर गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर एवं आर्मी वेटरनरी कोर के वीर सैनिकों द्वारा प्रस्तुत सिंफनी बैंड एवं पाइप बैंड की अद्भुत देशभक्ति संगीत प्रस्तुति ने समूचे परिसर को भावविभोर कर दिया।
“तेरी मिट्टी में मिल जावाँ दिल दिया है जान भी देंग ऐ मेरे वतन के लोगों वंदे मातरम् देश मेरे तथा जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया जैसे अमर गीतों की ओजस्वी धुनों ने राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जो देशभक्ति की ज्योति के प्रज्वलन का प्रतीक बना।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल – वीरता), कमांडर, छत्तीसगढ़–उड़ीसा सब एरिया, रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे एक वर्ष तक राष्ट्रव्यापी उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना को जागृत करना है। इसी क्रम में भारतीय सेना के विभिन्न बैंड देशभर में भेजे जा रहे हैं।
ब्रिगेडियर बावा ने कहा कि रायपुर में इस ऐतिहासिक उत्सव की शुरुआत द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल से करना अत्यंत सार्थक है, क्योंकि जिस संस्था के नाम में ‘इंडिया’ और ‘सैनिक’ दोनों शब्द समाहित हों, उससे बेहतर प्रारंभ कहीं और नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी बताया कि जिस अनुशासन, समर्पण और कौशल से सैनिक देशभक्ति संगीत प्रस्तुत करते हैं, उसी दक्षता और साहस के साथ वे राष्ट्र की सुरक्षा भी करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को Discipline, Dedication और Direction के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सेवा का प्रतीक है, जो आगे चलकर भारतीय सेना की गौरवशाली वर्दी में परिवर्तित हो सकती है।
डायरेक्शन, डेडिकेशन और डिसिप्लिन से जीवन में हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कमांडेंट कर्नल आर. के. वर्मा ने इसे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी, छत्तीसगढ़, श्री जगदीश बर्मन ने भी अपने उद्बोधन में सैन्य बैंड के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने हेतु भारतीय सेना का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के संस्थापक एवं चेयरमैन आचार्य सुरेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यालय की गौरवशाली देशभक्ति परंपरा से सभी को अवगत कराते हुए घोषणा की कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आर्मी वेलफेयर फंड हेतु ₹9 लाख की सहयोग राशि प्रदान की जा रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक विद्यालय परिवार द्वारा लगभग ₹28 लाख की राशि आर्मी वेलफेयर फंड में दी जा चुकी है।
समारोह के दौरान मिलिट्री बैंड की संगीतमय प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों के मन में देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और गहराई दी। यह आयोजन द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल की सशक्त सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति परंपरा का जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ।
