धमतरी। कलेक्टर महोदय के कड़े निर्देशों के बाद जिले में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और दुरुपयोग रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में आज खाद्य विभाग की टीम ने धमतरी नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया। इस जांच अभियान का नेतृत्व सहायक खाद्य अधिकारी श्री भेलेन्द्र कुमार ध्रुव, श्री निलेश चन्द्राकर और खाद्य निरीक्षक श्री वैभव कोरटिया ने किया। निरीक्षण के दौरान शांति कॉलोनी स्थित ‘मालिक केटर्स’ में बड़ी अनियमितता उजागर हुई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस प्रतिष्ठान के पास 40 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का कनेक्शन दर्ज था। हालांकि, मौके पर जांच करने पर केवल 23 खाली सिलेंडर ही मिले। शेष 17 सिलेंडरों के संबंध में संचालक श्री महेश कुमार रंगलानी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
सिलेंडरों के इस बड़े अंतर को देखकर प्रशासन ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की आशंका जताई। इसके चलते होटल संचालक के विरुद्ध द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियम) आदेश 2000 की कंडिका 03 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान 23 इण्डेन व्यावसायिक सिलेंडर जप्त कर लिए गए हैं। धमतरी जिले में इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी है। जिले में अब तक कुल 34 प्रतिष्ठानों पर गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग और कालाबाजारी के आरोप में कार्रवाई की जा चुकी है। इन अभियानों के तहत अब तक कुल 73 सिलेंडर जप्त किए गए हैं। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों और व्यावसायिक संस्थानों के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की अनियमितताएं न केवल गैस की आपूर्ति में अव्यवस्था पैदा करती हैं, बल्कि आम जनता के लिए भी जोखिम उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा निर्धारित संख्या से अधिक सिलेंडरों का उपयोग करना या कालाबाजारी करना अपराध की श्रेणी में आता है। संचालकों को चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में इस तरह का उल्लंघन पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में गैस सिलेंडरों की अनियमितता या कालाबाजारी की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि प्रशासन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमों के पालन के प्रति गंभीर है और गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और जनता को सुरक्षित गैस आपूर्ति प्रदान करना है।
