निर्माण एजेंसी के अनुसार, सारंगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़ और घरघोड़ा में निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है। वहीं सरिया और पुसौर में निविदा खुलने के बाद दर स्वीकृति का प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा गया है। सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। इन नए कार्यालयों के शुरू होने से लोगों को पंजीयन कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और यात्रा खर्च में कमी आएगी। डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और कार्यप्रणाली में सुधार होगा। साथ ही निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। यह परियोजना जिले में प्रशासनिक ढांचे के विस्तार और जनसुविधाओं के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रायगढ़। जिले में जनसेवा को सशक्त बनाने और पंजीयन सेवाओं को लोगों के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 6 नवीन उप-पंजीयक कार्यालय भवनों का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। यह भवन खरसिया, पुसौर, सरिया, सारंगढ़, धरमजयगढ़ और घरघोड़ा में बनाए जाएंगे। इस पूरी परियोजना की कुल लागत 3.42 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें प्रत्येक भवन पर 57 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल को राज्य के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की विशेष पहल और प्रयासों का परिणाम बताया गया है। इन कार्यालय भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों को पारदर्शी, सरल और डिजिटल पंजीयन सेवाएं मिल सकें। भवनों में डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली, सुव्यवस्थित प्रतीक्षा कक्ष, रिकॉर्ड के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था, ऑनलाइन सेवाएं और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
रायगढ़। जिले में जनसेवा को सशक्त बनाने और पंजीयन सेवाओं को लोगों के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 6 नवीन उप-पंजीयक कार्यालय भवनों का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। यह भवन खरसिया, पुसौर, सरिया, सारंगढ़, धरमजयगढ़ और घरघोड़ा में बनाए जाएंगे। इस पूरी परियोजना की कुल लागत 3.42 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें प्रत्येक भवन पर 57 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल को राज्य के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की विशेष पहल और प्रयासों का परिणाम बताया गया है। इन कार्यालय भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों को पारदर्शी, सरल और डिजिटल पंजीयन सेवाएं मिल सकें। भवनों में डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली, सुव्यवस्थित प्रतीक्षा कक्ष, रिकॉर्ड के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था, ऑनलाइन सेवाएं और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
