रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) की परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रों की भावनाओं, हितों एवं सांस्कृतिक मान्यताओं की अनदेखी कर रहा है, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
एनएसयूआई रायपुर जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर खान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में हरिशंकर शुक्ल महाविद्यालय के विद्यार्थियों के परिणामों में एनएएसी (NAAC) ग्रेड संबंधी गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। एक ही महाविद्यालय के विद्यार्थियों के परिणामों में अलग-अलग ग्रेड प्रदर्शित होने से विश्वविद्यालय की परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व ‘छेरछेरा’ के दिन भी विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका एनएसयूआई ने विरोध किया था। इसके बावजूद अब पुनः ईद-उल-अजहा जैसे राष्ट्रीय एवं महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व के दिन परीक्षा आयोजित कर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं की उपेक्षा कर रहा है।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल कथित पेपर लीक ऑडियो एवं कॉल रिकॉर्डिंग को लेकर भी छात्रों के बीच भय और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई स्पष्ट और सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि समस्त मामलों की निष्पक्ष जांच कर जल्द आवश्यक निर्णय लिए जाएं तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो व्यापक छात्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव कुणाल दूबे, जिला महासचिव संस्कार पांडेय, वि:सा अध्यक्ष अनुज शुक्ला, उपाध्यक्ष आशीष बाजपाई, मोहम्मद जिशन एवं अनिकेत महतो सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
