
जय जय सियाराम
ग्राम पंचायत बेलसोंडा की सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर का बिता कार्यकाल पूरे जनपद मे ऐतिहासिक रहा है l श्रीमती चंद्राकर ने अपने कार्यकाल शुरू होते ही शपथग्रहण से लेकर एक एक दिन जनता के हित मे कार्य करते हुए बिना किसी भय तथा पक्षपात के सभी जातियों के हित मे कार्य किया l उसने कभी भी किसी एक जाति विशेष क़ो बढ़ावा नही दिया तथा सबके साथ न्यायपूर्वक व्यवहार एवं कार्य किया l श्रीमती चंद्राकर का सबसे अच्छा कार्य उनका प्रकृति प्रेम तथा गाँव की भौगोलिक संरचना क़ो यथावत रखना था इसी क्रम मे उनका सबसे बढ़िया कार्य गाँव मे अवैध रूप से कब्जा किये जमींदारों एवं
रसूकदारों क़ो हटाना था तथा इसी क्रम मे उन्होंने गाँव के जवाहर चंद्राकर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग मे कब्जा किये गए चार एकड़ जमीन क़ो कब्जामुक्त करके गोठान बनाया तथा इसी के पीछे डॉक्टर गिरधारी चंद्राकर द्वारा कब्जा किये गए 9 एकड़ जमीन क़ो कब्जामुक्त किये लेकिन डॉक्टर गिरधारी उच्च न्यायालय की शरण मे जाकर स्टे आर्डर ले आया लेकिन श्रीमती चंद्राकर ने वहाँ भी उनका पीछा किया तथा अंत मे अप्रैल 2026 मे सत्यमेव जयते क़ो चरितार्थ करते हुए सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर की जीत हुई तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डॉक्टर गिरधारी चंद्राकर क़ो कब्जे से बेदखल करने का आदेश दिया गया l सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर ने बताया कि यह जीत गाँव की अधिष्ठात्रि देवी शीतला मैया की कृपा तथा जनता जनार्दन के आशीर्वाद से हुई है तथा यह जमीन गाँव की बढ़ती जनसंख्या क़ो देखते हुए जरूरतमंद लोगो क़ो आबंटित कर दिया जाये या फिर उसमे स्थायी धानमंडी बना दिया जाये जिससे गाँव के किसानों क़ो फ़सल धानमंडी तक ले जाने मे परिवहन खर्च कम आएगा तथा सुविधा भी होगी l सरपंच भामिनी पोखन चंद्राकर की इस जीत पर ग्रामीणों एवं महिलाओं मे अत्यधिक खुशी है तथा ग्रामीणों ने बताया कि यह कार्य आजतक कोई भी सरपंच नही कर पाए लेकिन भामिनी दीदी ने स्वार्थ से हटकर यह कार्य किया इसलिए हो गया अन्यथा यह बहुत ही मुश्किल कार्य था l ग्रामीणों ने यह भी बताया कि भामिनी दीदी की सोच तथा कार्यशैली सबसे अलग होने के कारण पूरे पाँच साल हम लोगो क़ो किसी भी प्रकार की तकलीफ एवं समस्या नही आई है तथा गाँव की प्रत्येक बेटियों की विवाह मे उनका सहयोग तथा दुखी परिवार क़ो नगद राशि औऱ चावल की सहायता करके उसने जो रिकॉर्ड बनाया है उसे हम लोग नही भूलेंगे तथा गाँव मे ऐसी ही सरपंच की आवश्यकता है जिसने स्वयं अपनी जेब से पैसा लगाकर जनहित के लिए हाई कोर्ट मे जाकर केस जीती है l
जय श्रीराधे राधेश्याम
