रायपुर प्रेस क्लब के “हमर पहुना” कार्यक्रम में पहुंचे प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर,
सनातन, शिक्षा और सामाजिक मूल्यों पर रखे विचार
सनातन बोर्ड से लेकर सदन में 50 सीटों तक, देवकीनंदन ठाकुर के बड़े बयान

विश्वगुरु बनना है तो संस्कारों की ओर लौटना होगा: देवकीनंदन ठाकुर
युवा, शिक्षा और सनातन पर खुलकर बोले देवकीनंदन ठाकुर
चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण का आधार: देवकीनंदन ठाकुर
सनातन की जड़ों से जुड़े बिना सुरक्षित नहीं होगी नई पीढ़ी: देवकीनंदन ठाकुर
रायपुर, 12 जुलाई। रायपुर प्रेस क्लब के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम “हमर पहुना” के अंतर्गत प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पत्रकारों से संवाद किया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू कोषाध्यक्ष दिनेश यदु ,संयुक्त निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े ने उनका पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में कथा आयोजक योगेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने युवाओं के नैतिक और सांस्कृतिक मार्गदर्शन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को भारतीय संस्कृति, गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों का अध्ययन कराया जाना चाहिए, जिससे उनमें चरित्र, सत्यनिष्ठा और जीवन मूल्यों का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को बच्चों में संस्कार आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती हिंसा, अपराध और पारिवारिक विघटन जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं तथा इनसे बचाव के लिए नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप भारतीय सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि देश में “सनातन बोर्ड” के गठन की आवश्यकता है, जिससे मंदिरों, गुरुकुलों और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय का उपयोग धर्म, शिक्षा और समाजहित के कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण, संस्कारयुक्त शिक्षा और भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देने की भी आवश्यकता बताई।
शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति का ज्ञान भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बॉलीवुड गीतों की बजाय सावित्री, सीता, रानी लक्ष्मीबाई जैसे प्रेरणादायी चरित्रों से परिचित कराया जाना चाहिए। उनके अनुसार गुरु और शिक्षकों की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं बल्कि चरित्र निर्माण की भी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सत्य, संयम और सदाचार का संदेश देता है। उनके अनुसार नशामुक्त जीवन, सत्य बोलना और नैतिक आचरण ही धार्मिक जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण से राष्ट्र और संस्कृति को मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए।
धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाती तथा उन्होंने विभिन्न माध्यमों से होने वाले धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को गीता का अध्ययन करना चाहिए ताकि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
राजनीतिक व्यवस्था पर अपनी राय व्यक्त करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में धर्माचरण एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने वाले लोगों की संख्या बढ़नी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित किए जाने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सार्वजनिक जीवन में चरित्र, नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान मिलना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध दोहराया तथा वेश्यावृत्ति और समलैंगिकता से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि इन विषयों पर समाज को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन को लेकर उनका व्यक्तिगत मानना है कि भविष्य में कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि “हमर पहुना” कार्यक्रम का उद्देश्य समाज, संस्कृति, साहित्य, शिक्षा और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों को पत्रकारों के बीच संवाद के लिए आमंत्रित करना है, जिससे समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके। उन्होंने देवकीनंदन ठाकुर का रायपुर प्रेस क्लब आगमन पर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु एवं कथावाचक श्री देवकीनंदन ठाकुर जी का वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा ,ठाकुर राम साहू, परमानंद वर्मा , संदीप पुराणिक ,राजेश मिश्रा ,मनीष वोरा, सुशील अग्रवाल, विजय मिश्रा,विजय श्रीवास्तव ,शकुंतला तरार , जावेद खान , के पी शुक्ला , कमलाकांत , व्यास पाठक, विनय घाटगे विद्याभूषण , ने स्वागत एवं अभिनंदन किया,
