भारत सरकार की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance – एमएसएमई के प्रदर्शन को बढ़ावा एवं गति प्रदान करना) योजना के अंतर्गत Vendor Development Programme (VDP)

का आयोजन 21–22 जुलाई 2026 को मल्टीपर्पज हॉल, प्रथम तल, जिंदल सेंटर, रायगढ़ में किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC), पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) तथा जिंदल स्टील लिमिटेड द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री देबज्योति रॉय, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, जिंदल स्टील लिमिटेड, रायगढ़ द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार, CSIDC तथा PHDCCI द्वारा कार्यक्रम के आयोजन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिंदल स्टील लिमिटेड का दृढ़ विश्वास है कि एक मजबूत स्थानीय वेंडर इकोसिस्टम एक सुदृढ़ एवं प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षेत्र की आधारशिला है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि MSMEs नवाचार को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन करने तथा आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी MSMEs को कंपनी की खरीद टीमों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने, दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियों के अवसर तलाशने तथा आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
छत्तीसगढ़ RAMP के SPIU के श्री प्रवीण वी. ने विषयगत संबोधन देते हुए कहा कि RAMP योजना का उद्देश्य बाजार तक पहुंच बढ़ाकर, प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार कर, प्रौद्योगिकी अपनाने को बढ़ावा देकर तथा संस्थागत क्षमता का निर्माण करके MSME इकोसिस्टम को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि Vendor Development Programme इस योजना के प्रमुख हस्तक्षेपों में से एक है, जिसके माध्यम से MSMEs को बड़े उद्योगों से सीधे जोड़ा जाता है तथा सतत व्यावसायिक विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC), रायगढ़ की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री अंजू नाइक ने छत्तीसगढ़ शासन की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत MSME क्षेत्र को प्रदान किए जा रहे विभिन्न लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली विभिन्न पहलों के माध्यम से MSMEs को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत सरकार के MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय (MSME-DFO), रायपुर के IEDS सहायक निदेशक ग्रेड-I, श्री अरविंद तिवारी ने कहा कि Vendor Development Programme जैसे कार्यक्रम MSMEs को उद्योगों की अपेक्षाओं, खरीद प्रक्रियाओं तथा गुणवत्ता मानकों को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनाते हैं। इससे MSMEs को प्रमुख उद्योगों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बनने में सहायता मिलती है।
श्री राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, DGM–Purchase ने प्रतिभागियों को जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड में अपनाई जाने वाली वेंडर डेवलपमेंट प्रक्रिया तथा प्रतिवर्ष खरीदी जाने वाली विभिन्न श्रेणियों की वस्तुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
भारत सरकार के Government e-Marketplace (GeM) के प्रशिक्षक श्री राकेश तिवारी ने पारदर्शी, प्रभावी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में GeM की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि GeM MSMEs को देशभर के सरकारी खरीदारों तक अपने उत्पादों एवं सेवाओं का सीधे विपणन करने में सक्षम बनाता है। इससे MSMEs को समान अवसर, सरल खरीद प्रक्रियाएं, त्वरित भुगतान तथा व्यापक बाजार पहुंच प्राप्त होती है।
तकनीकी सत्रों के दौरान भारत सरकार के MSME Technology Centre, दुर्ग के मैनेजर श्री फवाद खान एवं श्री अभिनव दास द्वारा MSME Sustainable (ZED) Certification Scheme के संबंध में प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। इसके अलावा, Invoicemart के सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर श्री आकाश साहू द्वारा Invoice Financing एवं Supply Chain Finance पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें MSMEs के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय समाधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर के रेजिडेंट डायरेक्टर श्री सुमित दुबे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
