

महंत लक्ष्मीनारायण की छात्राओं ने सीखी पत्रकारिता की बारीकियां।
अग्रसेन महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित दस दिवसीय विशेष इंटर्नशिप प्रोग्राम का आज गरिमामय समापन हुआ। इस कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में महंत लक्ष्मीदास महाविद्यालय के एम.ए. हिन्दी के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। सात दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र में विद्यार्थियों को व्यावहारिक पत्रकारिता, मीडिया लेखन, न्यू मीडिया और फील्ड रिपोर्टिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और तकनीकी बारीकियां सिखाई गईं।
सर्टिफिकेट वितरण के साथ हुआ समापन
इंटर्नशिप के अंतिम दिन एक विशेष समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अग्रसेन महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. व्ही. के. अग्रवाल तथा प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। सर्टिफिकेट पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर भविष्य की राह तय करने का आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था।
समापन के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अग्रसेन महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. व्ही. के. अग्रवाल ने कहा, “आज के दौर में मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। केवल किताबी ज्ञान के भरोसे पत्रकारिता के क्षेत्र में सफल होना संभव नहीं है। युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक खुद को ढालना होगा। इस सात दिवसीय इंटर्नशिप का मुख्य उद्देश्य यही था कि विद्यार्थियों को फील्ड की वास्तविक चुनौतियों और कामकाज के तरीकों से रूबरू कराया जा सके। हमें खुशी है कि हीरालाल उपाध्याय महाविद्यालय के छात्रों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने कौशल को निखारा।”
महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज को दिशा दिखाने का काम करता है। इस इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है, बल्कि उन्हें नैतिक और जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व को भी समझाया गया है। आज के डिजिटल युग में फेक न्यूज से लड़ना और सही तथ्य सामने लाना सबसे बड़ी चुनौती है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां से सीखे गए गुर इन विद्यार्थियों को एक बेहतरीन और निष्पक्ष पत्रकार बनने में मदद करेंगे।”
संस्थान के प्राचार्य डॉ. यूलेंद्र राजपूत ने इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “जब दो उच्च शिक्षण संस्थान इस तरह के व्यावहारिक कार्यक्रमों के लिए हाथ मिलाते हैं, तो इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलता है। इस सात दिवसीय कार्यशाला ने छात्रों के सोचने और लिखने के नजरिए को बदला है। हमारे महाविद्यालय का पत्रकारिता विभाग हमेशा से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इस तरह के अंतर-महाविद्यालयीन ज्ञान संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।”
प्रशिक्षण में सीखे मीडिया के नए आयाम
पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आकांक्षा दुबे ने दस दिनों के प्रशिक्षण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को समाचार लेखन, संपादन, साक्षात्कार की तकनीक, खोजी पत्रकारिता, एंकरिंग और डिजिटल मीडिया के टूल्स पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। महंत लक्ष्मीदास महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस इंटर्नशिप को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि यहाँ मिले व्यावहारिक अनुभव से उनका मीडिया के प्रति दृष्टिकोण पूरी तरह बदल गया है।
