आज मंत्रालय, महानदी भवन में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा कंगले, प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक नान श्रीमती इर्फ़त आरा तथा खाद्य विभाग के श्री जी.एस. सिकरवार के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
बैठक में वर्ष 2026-27 की कस्टम मिलिंग नीति एवं चावल जमा व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रमुख बिंदु निम्नानुसार रहे—
इस वर्ष 10% इम्प्रूव राइस नान में जमा किया जाएगा।
स्टेट पूल के अंतर्गत लगभग 17.32 लाख टन चावल जमा होगा।
सेंट्रल पूल से लगभग 16.00 लाख टन चावल नान में जमा किया जाएगा।
लगभग 10.00 लाख टन बॉयल्ड (उसना) राइस 5% एफसीआई में जमा किया जाएगा।
लगभग 5.00 लाख टन (10%)अरवा चावल एफसीआई में जमा होगा।
शेष लगभग 25% ब्रोकन अरवा चावल एफसीआई में जमा किया जाएगा।
बैठक के दौरान राइस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। एसोसिएशन ने १०% इंप्रूव राइस को लेकर अपनी चिंता वयक्त की और विशेष रूप से प्रोत्साहन राशि में वृद्धि, भंडारण (स्टोरेज) शुल्क, सूखत (Dryage) का प्रावधान, तथा लंबित भुगतानों के शीघ्र भुगतान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों के साथ सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष श्री कांतिलाल बोथरा, महामंत्री श्री विष्णु बिंदल, श्री संदीप मित्तल, श्री मुकेश गोयल, श्री विजय गोयल, श्री रंजनीत पांडे, श्री दीपक अग्रवाल, श्री बाँके अग्रवाल, श्री विक्की शर्मा एवं श्री सतीश शर्मा उपस्थित रहे।
एसोसिएशन को विश्वास है कि बैठक में हुई सकारात्मक चर्चा के आधार पर शीघ्र ही राइस मिलर्स के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे, जिससे प्रदेश के राइस उद्योग को मजबूती मिलेगी।
