



छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
अफीम के साथ-साथ अब गांजा भी प्रदेश में फल-फूल रहा हैं, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लें
अवैध नशे का कारोबार शहरों से लेकर गांव, गली, मोहल्लों तक फैल चुका है
रायपुर/27 अगस्त 2026। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में गांजे की खुलेआम खेती के खुलासे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के कुशासन में अफीम के साथ-साथ गांजा सहित सभी तरह के अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा हैं। तस्करी और अवैध विक्रय के साथ ही अब उत्पादन और उसकी खेती में भी आत्मनिर्भर बना रहे हैं, जरा भी नैतिकता बाकी है तो प्रदेश के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। सत्ता के संरक्षण में ही पूरे प्रदेश में अवैध नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, इस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। दुर्ग के समोदा और बलरामपुर में पकड़े गए अफीम उत्पादकों के भाजपा से संबंध सर्वविदित है, सिहावा-नगरी में तो बिना कार्यवाही किए सबूत ही मिटा दिए गए, यही कारण है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। केवल तस्करी ही नहीं अब गांजा की खेती भी आम हो गई है। विगत दिनों कोंडागांव के फरसगांव, नारायणपुर, बीजापुर, सराईपाली, नगरी देवभोग सहित अनेकों जगहों पर गांजे के उत्पादन के मामले सामने आये थे, यह सरकार कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति करती है जिसकी वजह से नशे का अवैध कारोबार पनप रहा है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अवैध नशे का कारोबार सरकार और प्रशासन के नाक के नीचे चल रहा है, राजधानी के डीडी नगर थाना क्षेत्र में एक स्कॉर्पियो से स्थानीय लोगों ने 5 क्विंटल गांजा तब पकड़ा, जब गाड़ी नाली में फंस गई, अवैध नशे की बड़ी खेप लगातार पहुंच रही है कमिश्नरी सिस्टम केवल आम जनता के खिलाफ चालानी कार्यवाही और वसूली तक ही सीमित है। पिछले हफ्ते ही टिकरापारा थाना क्षेत्र में भाठागांव बस स्टैंड के पास एक तस्कर पकड़ा गया था।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अवैध शराब और गांजा ही नहीं सूखे नशे के पाउडर, नशीली गोलियां, सिरप तेजी से फैल रहा है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद नशाखोरी महामारी का रूप ले चुका है और युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के दावे खोखले साबित हो रहा है। तस्करी और अवैध बिक्री बढ़ रही है। हाल ही में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत गंज थाना क्षेत्र और अन्य इलाकों से भारी मात्रा में नाइट्रोसन-10 टैबलेट और अन्य नशीली दवाइयां के प्रकरण, धमतरी में 590 नशीली गोलियां और अवैध शराब के प्रकरण उजागर हुए। ओवर रेटिंग, नकली और मिलावटी शराब की शिकायत लगातार पूरे प्रदेश से आ रही है लेकिन यह सरकार अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को रोकने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। राजधानी रायपुर और आसपास के जंगलों व नदी-नालों के किनारे चल रही अवैध महुआ शराब भट्टियों में गैरकानूनी उत्पादन निर्बाध चल रहा है। छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर बाहरी राज्यों मध्य प्रदेश, उड़ीसा और महाराष्ट्र से आने वाली अवैध शराब की खेपों को रोक पाने में नाकाम है। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा, बालोद, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव, कवर्धा और बेमेतरा अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र बन गया है। अवैध नशे के कारोबारी इतने बेखौफ हैं कि अब तो अफीम और गांजे की खेती भी खुले आसमान के नीचे डंके की चोट पर करने लगे हैं।
सुशील आनंद शुक्ला
अध्यक्ष कांग्रेस संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
