



रायपुर। राजधानी रायपुर में रविवार को साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में एक अविस्मरणीय क्षण देखने को मिला, जब भगवान श्री राम की महिमा का बखान करती अद्भुत पुस्तक “श्री राम अमोघ स्तुतियां” का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने कर-कमलों से इस पुस्तक का विमोचन कर इसे जनता को समर्पित किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक का विमोचन करते हुए लेखकों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लेखिका श्रीमती अंजनी श्रीवास्तव एवं लेखक सुरेंद्र प्रताप सिंह श्रीवतस्तव द्वारा इस पुस्तक में बेहद ही प्रभावशाली, दुर्लभ और अमोघ स्तुतियों का उल्लेख किया गया है। यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि राम भक्ति का एक जीवंत ग्रंथ है।उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, “इस पुस्तक में ऐसी-ऐसी प्रभावशाली स्तुतियां हैं कि जिन्हें यदि श्रद्धा, विश्वास और नियमों से पढ़ा जाए तो निश्चित ही मनुष्य का भवसागर पार हो सकता है। श्री राम का नाम ही कलयुग में तारणहार है। उनकी स्तुति करने मात्र से व्यक्ति के जीवन के समस्त दुख, कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं।डॉ. सिंह ने कहा कि आज के इस तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे युग में जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से दूर होती जा रही है, तब ऐसी पुस्तकें समाज को सही दिशा दिखाने का काम करती हैं। भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, उनके जीवन के आदर्श और उनकी स्तुतियां हमें जीवन जीने की कला सिखाती हैं। यह पुस्तक हर घर, हर मंदिर और हर पुस्तकालय में होनी चाहिए।पुस्तक की लेखिका श्रीमती अंजनी श्रीवास्तव ने इस अवसर पर बताया कि इस पुस्तक को लिखने के पीछे कई वर्षों की साधना और शोध है। उन्होंने विभिन्न प्राचीन ग्रंथों, वेदों और रामायण के अलग-अलग खंडों में बिखरी हुई अमोघ स्तुतियों को एकत्र कर सरल हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया है ताकि आम जनमानस भी इसका लाभ ले सके।लेखक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों को श्री राम की भक्ति से जोड़ना और उनकी कृपा का अनुभव कराना है।इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुस्तक के एडिटर दीपक अरोरा एवं आकाश महेश्वरी सरस्वती प्रकाशन भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों एडिटरों के अथक परिश्रम से ही पुस्तक को यह सुंदर स्वरूप मिल पाया है।समारोह में शहर के अनेक प्रबुद्ध साहित्यकार, वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित थे। सभी ने पुस्तक की विषयवस्तु और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे सनातन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया। अंत में लेखक द्वय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
