



नियम विरुद्ध प्रवेश काउसलिंग में बैठने की अनुमति देना अपराधः ठाकुर
बिना फीस निर्धारण किये छात्रों को प्रवेश देंगे निजी विवि
छत्तीसगढ़ आरटीआई एक्टिविस्ट ऐसोसियेशन के अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर ने कहा की बिना शुल्क निर्धारण किये शासन द्वारा निजी विश्वविद्यालयों को एक सितंबर से प्रवेश काउंसलिंग में शामिल करना हजारों छात्रों व पालकों के हितों के साथ अन्याय है ये उन्हे गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचायेगा।
ठाकुर ने बताया की PURC की आधिकारिक वेबसाइट पर अनेक निजी विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जिनके फार्मेसी सहित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस अब तक निर्धारित नहीं दिखाई गई है। इसके बावजूद इन विश्वविद्यालयों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर दिया गया है। यह खुला व संगठित भ्रष्टाचार है।
ठाकुर ने कहा की प्रवेश काउंसलिंग की अनुमति देते वक्त राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए था की जिन विश्वविद्यालयों की फीस निर्धारित नहीं हुई है, वे छात्रों से किस आधार पर शुल्क लेंगे? यदि बाद में फीस निर्धारित होती है, तो छात्रों के हितों की रक्षा कैसे की जाएगी? लेकिन सरकार ने इस पर मौन धारण कर निजि विवि के लिये लूट का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
ठाकुर ने कहा की एक ओर प्रदेश के निजी महाविद्यालय विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत निर्धारित शुल्क पर प्रवेश देने के लिए बाध्य हैं, वहीं दूसरी ओर अनेक निजी विश्वविद्यालयों को शुल्क निर्धारण के बिना ही प्रवेश प्रक्रिया में शामिल करना समानता के सिद्धांत के भी विपरीत है।
ठकुर ने राज्य सरकार से मांग की है कि जिन निजी विश्वविद्यालयों की फीस का विधिवत निर्धारण नहीं हुई है उन्हें शुल्क निर्धारण पूर्ण होने तक प्रवेश काउंसलिंग से बाहर रखा जाए। साथ ही छात्रों और अभिभावकों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी शुल्क निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए सार्वजनिक किया जाए।
संजय सिंह ठाकुर
अध्यक्ष
छ.ग. आरटीआई एक्टिविस्ट ऐसोसिएशन
मोबा – 9479010032
