

अनावेदक देगा प्रतिमाह डेढ हजार रू. भरण-पोषण।
आयोग की समझाईश पर पति-पत्नि साथ रहने हुए तैयार।
रायपुर/07 सितंबर 2026/छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. ममता साहू एवं सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर मे महिला उत्पीड़न से संबंधित 36 प्रकरणों को सुनवाई हेतु रखा, जिसमें 26 प्रकरणों की सुनवाई की गई व 07 प्रकरण नस्तीबध्द किये गये। आयोग की अध्यक्ष डाॅ. ममता साहू की अध्यक्षता मे प्रदेश स्तर पर आज चतुर्थ सुनवाई हुई। रायपुर जिले मे तीसरी जनसुनवाई।
आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण मे आवेदिका ने बताया कि अनावेदक आवेदिका को विवाह के बाद संतान ना होने के कारण मारपीट व गाली-गलौच करता है व न्यायालय से प्रतिमाह डेढ हजार रू. भरण-पोषण राशि देने के आदेश के बाद भी आवेदिका को किसी प्रकार का भरण-पोषण भी नही दे रहा है। आयोग के समक्ष दोनो पक्षों को विस्तार से सुना गया। आयोग द्वारा अनावेदक को समझाईश दिया गया कि वह नियमित रूप से ओवदिका को भरण-पोषण की राशि देवें। इस समझाईश के बाद प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक अन्य प्रकरण मे आवेदिका ने अनावेदकगणों पर बच्ची से मिलने ना देने, बच्चा मांगने पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज करायी थी। सुनवाई के दौरान आवेदिका ने बताया कि बच्ची आवेदिका ने अनावेदक को गोद दी थी। बच्ची की उम्र 02 वर्ष है वह वर्तमान मे अपनी बेटी को अनावेदक पक्ष से वापस लेना चाहती है। सभी अनावेदकगणों के उपस्थित होने पर प्रकरण आगे सुना जा सकेगा, प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु रखा गया।
एक अन्य प्रकरण मे आवेदिका ने बताया कि अनावेदक आवेदिका के मकान का टैक्स पटाने, टैक्स कम करवाने और उसकी रसीद देने के नाम पर आवेदिका से 40 हजार रू. की ठगी की और अब तक ना ही आवेदिका का टैक्स पटाया और ना ही आवेदिका की रकम वापस की आयोग के समक्ष सुनवाई के दौरान अनावेदक को समझाईश दी गई कि वह 20 दिन के भीतर आवेदिका से ली गई रकम वापस करे। अनावेदक ने इस हेेतु समय की मांग की। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु रखा गया।
एक प्रकरण मे आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ आवेदिका व उसकी दोनेा बच्चियों को जान से मारने की धमकी दिये जाने से संबंधित शिकायत दर्ज करवायी थी। आवेदिका अपने व अपने बच्चों के लिए अनावेदक से भरण-पोषण चाहती है और अनावेदक के साथ नही रहना चाहती। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस स्थिति मे आवेदिका को न्यायालय जाने की सलाह दी गई। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
अन्य एक प्रकरण मे उभय पक्षो को विस्तार से सुना गया। उन्हें समझाईश दी गई उभय पक्ष अपनी-अपनी शर्तो के साथ एक-दूसरे के साथ मे रहने के लिए तैयार है। आगामी सुनवाई मे दूसरी महिला व परिवार वालो को उपस्थित रखने के निर्देश आयोग द्वारा दिये गये। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु रखा गया।
एक प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि अनावेदक (पति) का अन्य महिला से अवैध संबंध है और वह आवेदिका को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। उभय पक्षों को विस्तार से सुना गया। आयोग के समक्ष पूछे जाने पर अनावेदक ने यह स्वीकार किया कि उसका अन्य महिला से अवैध संबंध है और वह दूसरी महिला के साथ रह रहा है। दूसरी महिला ने भी आयोग के समक्ष स्वीकारा की वह अनावेदक के साथ अवैध संबंध मे रह रही है। आगामी सुनवाई मे दूसरी महिला के साथ उसके बच्चों को भी उपस्थित रखने का आदेश दिया गया। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु रखा गया।
अन्य एक प्रकरण मे आवेदिका ने आयोग मे संपत्ति विवाद से संबंधित शिकायत दर्ज की थी। आयोग ने आवेदिका को एसडीएम कोर्ट मे स्थानीय जांच की सलाह दी गई इस समझाईश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि अनावेदक ने आवेदिका को शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक उसके साथ लगभग 12 वर्षों से संबंधमे था तथा शादी का झांसा देता रहा। अनावेदक के परिवार वाले आवेदिका को लगातार धमकी दे रहे है। प्रकरण को विस्तार से सुना गया। आयोग द्वारा संबंधित थाने मे न्यायोचित कार्यवाही हेतु निर्देश दिये। प्रकरण मे एफआईआर के पश्चात् आयोग से प्रकरण नस्तीबध्द किया जावेगा।
