

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार काम कर रहा है। ‘ईट राइट इंडिया’ पहल के तहत प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण भोजन को बढ़ावा देने के लिए प्रमाणन, प्रशिक्षण, जागरूकता और प्रवर्तन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इसी अभियान के तहत प्रदेश के 10 अस्पतालों को ‘Eat Right’ टैग प्रदान किया गया है। वहीं, खैरागढ़ के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों को हाइजीन रेटिंग सर्टिफिकेशन दिया गया है। इसका मकसद अस्पतालों और खाद्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षित भोजन और निर्धारित स्वच्छता मानकों के पालन को बढ़ावा देना है।
इन अस्पतालों को मिला ‘Eat Right’ टैग
पिछले तीन महीनों में छत्तीसगढ़ में Eat Right Campus, Hygiene Rating और FoSTaC प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
Eat Right Campus प्रमाणन के तहत निम्न अस्पतालों को ‘Eat Right’ टैग मिला है—
- जिला अस्पताल कांकेर
- जिला अस्पताल बलरामपुर
- जिला अस्पताल सूरजपुर
- जिला अस्पताल कोरिया
- जिला अस्पताल जशपुर
- जिला अस्पताल मुंगेली
- जिला अस्पताल राजनांदगांव
- जिला अस्पताल बीजापुर
- SSIMS Hospital, दुर्ग
इन संस्थानों में खाद्य स्वच्छता और सुरक्षित भोजन से जुड़े निर्धारित मानकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
खैरागढ़ के 3 खाद्य प्रतिष्ठानों को हाइजीन रेटिंग
खैरागढ़ जिले के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों को हाइजीन रेटिंग प्रमाणन से सम्मानित किया गया है। इस प्रमाणन का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
हाइजीन रेटिंग के जरिए उपभोक्ताओं को भी खाद्य प्रतिष्ठान की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बेहतर जानकारी मिलती है। इससे खाद्य कारोबारियों के बीच साफ-सफाई और सुरक्षित खाद्य प्रबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कई जिलों में FoSTaC प्रशिक्षण
खाद्य सुरक्षा और बेहतर खाद्य प्रबंधन को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में FoSTaC प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। बलरामपुर, कोरबा, महासमुंद, कोरिया, धमतरी, सरगुजा, मनेंद्रगढ़ और रायपुर सहित कई जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम हो चुके हैं।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य प्रबंधन के बारे में जागरूक करना है। शेष जिलों में भी प्रशिक्षण की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में Eat Right Clean Street Food Hub, Eat Right Clean Fruit & Vegetable Market और Eat Right School के प्रमाणन की प्रक्रिया भी चल रही है।
एनालॉग पनीर पर खाद्य विभाग की कार्रवाई
प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई भी लगातार जारी है। विभाग की ओर से लिए गए सैंपलों की जांच के बाद करीब 1,500 किलोग्राम एनालॉग पनीर नष्ट कराया गया है।
खाद्य प्रयोगशाला में जांच के दौरान यदि कोई सैंपल अवमानक या असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ाई जा रही निगरानी
‘Eat Right India’ अभियान के जरिए प्रदेश में केवल प्रमाणन तक सीमित रहने के बजाय खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, प्रशिक्षण और जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। अस्पतालों को Eat Right टैग मिलने और खाद्य प्रतिष्ठानों को हाइजीन रेटिंग दिए जाने से सुरक्षित भोजन की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं, संदिग्ध और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ सैंपलिंग और जांच की कार्रवाई जारी रहने से खाद्य कारोबारियों पर भी निर्धारित मानकों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा। इससे आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
