

रायपुर। राजधानी रायपुर में जिला प्रशासन की एक नई पहल के तहत ‘लंच विद क्रिएटर्स’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद किया। इस दौरान रायपुर के विकास, पर्यटन, संस्कृति, खान-पान और जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच संवाद को मजबूत करना और सोशल मीडिया की पहुंच का इस्तेमाल जनहित से जुड़े विषयों के प्रचार-प्रसार के लिए करना रहा।
रायपुर के विकास में सभी की भागीदारी जरूरी
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि रायपुर के विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस पहल को उपयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और क्रिएटर्स के बीच संवाद बढ़ने से शहर से जुड़े सकारात्मक कार्यों और विकास गतिविधियों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
कलेक्टर ने क्रिएटर्स से की खास अपील
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कार्यक्रम में शामिल क्रिएटर्स से रायपुर के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवा क्रिएटर्स रायपुर के आइकॉन के रूप में काम कर सकते हैं और शहर की खास पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।
कलेक्टर ने विशेष रूप से इन विषयों पर कंटेंट तैयार करने का सुझाव दिया:
- रायपुर के पर्यटन स्थल
- शहर की सांस्कृतिक विशेषताएं
- स्थानीय खान-पान
- रायपुर की विशिष्ट पहचान
- जिले के प्रतिभाशाली और प्रेरणादायक लोग
- जनकल्याणकारी योजनाएं
- शहर के विकास से जुड़े सकारात्मक बदलाव
महीने में एक दिन जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने क्रिएटर्स से कहा कि वे अपने नियमित कंटेंट के साथ महीने में कम से कम एक दिन जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषयों को भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जगह दें।
इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी उन लोगों तक पहुंचाना है, जिन्हें वास्तव में उनका लाभ मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच का उपयोग जनहित की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
समस्याओं की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने की कार्रवाई
कलेक्टर ने यह भी बताया कि कई बार सोशल मीडिया क्रिएटर्स के माध्यम से जिले से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंची है। ऐसी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर लोगों को राहत पहुंचाई है।
उन्होंने क्रिएटर्स से अपील की कि वे रायपुर के विकास को लेकर प्रशासन को सकारात्मक सुझाव देते रहें।
‘इकोनॉमिक सर्कुलर’ का हिस्सा हैं क्रिएटर्स
कलेक्टर ने क्रिएटर्स की भूमिका को आर्थिक गतिविधियों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रिएटर्स इकोनॉमिक सर्कुलर का हिस्सा हैं और उनके सहयोग से रायपुर को देशभर में अलग पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय पर्यटन, खान-पान, संस्कृति और प्रतिभाओं को सोशल मीडिया के जरिए प्रमोट करने से शहर की पहचान के साथ स्थानीय गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
साइबर क्राइम को लेकर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में अतिरिक्त कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने साइबर क्राइम से बचाव को लेकर जागरूकता की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर सक्रिय क्रिएटर्स बड़ी संख्या में लोगों तक आसानी से पहुंच सकते हैं, इसलिए वे साइबर सुरक्षा को लेकर जनता को जागरूक करने में प्रशासन की मदद कर सकते हैं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी फोकस
अतिरिक्त कमिश्नर ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में भी क्रिएटर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों और सुरक्षा उपायों के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए सोशल मीडिया प्रभावी माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम में सामने आए प्रमुख बिंदु
- प्रशासन और सोशल मीडिया क्रिएटर्स के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर।
- रायपुर के पर्यटन और संस्कृति को प्रमोट करने की अपील।
- स्थानीय खान-पान और शहर की पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सुझाव।
- प्रेरणादायक स्थानीय लोगों की कहानियां सामने लाने पर जोर।
- महीने में एक दिन जनकल्याणकारी योजनाओं पर कंटेंट बनाने की अपील।
- सोशल मीडिया के जरिए साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा।
- महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपेक्षा।
‘लंच विद क्रिएटर्स’ के जरिए जिला प्रशासन ने डिजिटल क्रिएटर्स के साथ सीधे संवाद का मंच तैयार किया। कार्यक्रम में रायपुर के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
