जगदलपुर। बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, गाइड, युवाओं एवं स्थानीय उत्पादों से जुड़े हितधारकों को नए बाजार अवसरों से जोड़ने तथा पर्यटन क्षेत्र में ब्रांडिंग, डिजिटल प्रमोशन, ऑनलाइन बुकिंग, कनेक्टिविटी एवं आतिथ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत सरकार की रैम्प (RAMP) योजना के अंतर्गत, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के माध्यम से चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा टूरिज्म सेक्टर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 03 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर के पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइड, युवाओं, हस्तशिल्प एवं जनजातीय कला से जुड़े उद्यमियों तथा अन्य हितधारकों को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बुकिंग, ब्रांडिंग, आतिथ्य सेवाओं, पर्यटन अवसंरचना, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, स्थानीय कला एवं शिल्प के साथ पर्यटन के जुड़ाव तथा बस्तर के अनछुए एवं कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने के उपायों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी श्री रामनारायण तिवारी, कांगेर वैली के निदेशक श्री गौतम नारायण जी, पर्यटन एवं डिजिटल मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ श्री जीत सिंह आर्या, अमचो लड्डी होमस्टे के श्री राजनिश, बस्तर ट्राइबल होम के श्री शकील रिजवी, मिंज होमस्टे के श्री संजय मिंज तथा सोशल मीडिया एवं पर्यटन प्रचार से जुड़े इन्फ्लुएंसर श्री अस्तु नाग की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत को पर्यटन के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने तथा स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीयन एवं नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ। इसके पश्चात चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की रैम्प कार्यान्वयन टीम द्वारा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए रैम्प योजना के उद्देश्यों एवं इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने तथा बस्तर के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
पर्यटन अवसंरचना, कनेक्टिविटी एवं सुरक्षा पर विशेष सत्र
कॉन्क्लेव के महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र में कांगेर वैली के निदेशक श्री गौतम नारायण जी द्वारा पर्यटन क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, पर्यटकों की सुरक्षा एवं पर्यटन स्थलों की विजिबिलिटी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि किसी पर्यटन स्थल को लोकप्रिय एवं टिकाऊ पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाओं, सुगम कनेक्टिविटी, सुरक्षित पर्यटन वातावरण तथा डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रभावी प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
ऑनलाइन बुकिंग एवं डिजिटल पर्यटन पर मार्गदर्शन
पर्यटन व्यवसायों को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने के उद्देश्य से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया प्रमोशन एवं पर्यटकों तक सीधी पहुंच जैसे विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि होमस्टे, स्थानीय टूर पैकेज, गाइड सेवाएं एवं अन्य पर्यटन सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने से पर्यटकों तक पहुंच बढ़ाई जा सकती है तथा स्थानीय पर्यटन व्यवसायों के लिए नए बाजार विकसित किए जा सकते हैं।
पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प एवं “Unexplored Bastar” की ब्रांडिंग
श्री जीत सिंह आर्या द्वारा पर्यटन के साथ स्थानीय हस्तशिल्प, जनजातीय कला एवं स्थानीय उत्पादों को जोड़ने तथा उनकी ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान उन्होंने “Unexplored Bastar” की अवधारणा पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए बस्तर के ऐसे प्राकृतिक, सांस्कृतिक, जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन स्थलों को पहचान दिलाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जो अभी व्यापक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान नहीं बना पाए हैं।
उन्होंने स्थानीय कला एवं शिल्प, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय खान-पान एवं जीवनशैली को पर्यटन अनुभव का हिस्सा बनाने तथा इन विशिष्टताओं को प्रभावी ब्रांडिंग एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए पर्यटकों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि “Unexplored Bastar” को पर्यटन की दृष्टि से प्रभावी रूप से प्रस्तुत कर स्थानीय पर्यटन उद्यमियों, शिल्पकारों एवं समुदायों के लिए नए बाजार, रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
होमस्टे, हॉस्पिटैलिटी एवं स्थानीय युवाओं के लिए अवसर
कार्यक्रम में हॉस्पिटैलिटी, टूरिस्ट गाइड सेवाओं, होमस्टे संचालन तथा युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। अमचो लड्डी होमस्टे के श्री राजनिश ने होमस्टे संचालन के अपने अनुभव साझा करते हुए पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं जीवनशैली से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी।
इसी क्रम में बस्तर ट्राइबल होम के श्री शकील रिजवी ने जनजातीय संस्कृति, स्थानीय अनुभव एवं आतिथ्य को पर्यटन से जोड़ने के अपने अनुभव साझा किए। मिंज होमस्टे के श्री संजय मिंज ने होमस्टे मॉडल, स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा पर्यटकों को स्थानीय परिवेश से जोड़कर आय एवं रोजगार के अवसर विकसित करने के संबंध में जानकारी दी।
सोशल मीडिया एवं इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग
पर्यटन स्थलों की डिजिटल विजिबिलिटी बढ़ाने में सोशल मीडिया की भूमिका पर इन्फ्लुएंसर श्री अस्तु नाग द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। उन्होंने सोशल मीडिया कंटेंट, वीडियो, रील्स एवं डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से पर्यटन स्थलों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने तथा युवा पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
सफल पर्यटन उद्यमियों के अनुभव
कॉन्क्लेव का विशेष आकर्षण स्थानीय पर्यटन उद्यमियों एवं होमस्टे संचालकों के अनुभव रहे। प्रतिभागियों ने पर्यटन व्यवसाय की शुरुआत, पर्यटकों से जुड़ाव, सेवा गुणवत्ता, डिजिटल प्रमोशन, ऑनलाइन बुकिंग, स्थानीय संस्कृति को पर्यटन अनुभव में शामिल करने तथा ग्राहकों का विश्वास विकसित करने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
कॉन्क्लेव में उपस्थित पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, गाइड, युवाओं, स्थानीय उत्पाद एवं हस्तशिल्प से जुड़े उद्यमियों तथा अन्य प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए पर्यटन व्यवसाय की संभावनाओं, ऑनलाइन बुकिंग, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, हॉस्पिटैलिटी, गाइड सेवाओं, स्थानीय हस्तशिल्प एवं “Unexplored Bastar” से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम ने सरकारी विभागों, पर्यटन विशेषज्ञों, स्थानीय उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, युवाओं एवं डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के मध्य ज्ञान, अनुभव, नेटवर्किंग एवं संभावित व्यावसायिक सहयोग के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया।
रैम्प योजना के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की पहल
कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को रैम्प योजना के अंतर्गत एमएसएमई एवं स्थानीय उद्यमों को उपलब्ध विभिन्न अवसरों तथा व्यवसाय विकास, बाजार संपर्क एवं क्षमता निर्माण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई। पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत स्थानीय उद्यमों को अधिक संगठित, बाजारोन्मुख एवं डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में ऐसे सेक्टर-विशिष्ट कार्यक्रमों की उपयोगिता पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के माध्यम से चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया। आयोजन के सफल संचालन एवं समन्वय में सुश्री मुनमुन जरी, श्री रोहित शर्मा, श्री बीर सिंह चतुर्वेदी, श्री चेतन नाग एवं श्री अंकित मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम द्वारा प्रतिभागियों के साथ समन्वय, सत्रों का संचालन एवं कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया गया।
कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम ने बस्तर के पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता, युवाओं के लिए अवसर, होमस्टे एवं हॉस्पिटैलिटी सेवाओं, डिजिटल मार्केटिंग तथा स्थानीय कला-संस्कृति को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक उपयोगी मंच प्रदान किया।
