कोरबा उल्लास–नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत पुणे में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में सहभागिता हेतु जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा शामिल हुई।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली के निर्देशानुसार 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक एससीईआरटी, पुणे में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें कोरबा की जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा का चयन किया गया।
इस कार्यशाला में साक्षरता संबंधी शोध अध्ययन के आँकड़ों का विश्लेषण तथा राज्य स्तरीय आँकड़ों के आधार पर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना निर्धारित था।
श्रीमती ज्योति शर्मा को दिनांक 12 अक्टूबर को कार्यशाला में भाग लेने हेतु कोरबा से पुणे के लिए गई।
उक्त कार्यशाला का उद्देश्य साक्षरता संबंधी शोध निष्कर्षों का विश्लेषण कर रिपोर्ट को अंतिम रूप देना तथा उल्लास–नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाना था।
इस कार्यशाला में साक्षरता हेतु किए जा रहे कार्य की सराहना की गई। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा 15 वर्ष से ऊपर सभी असाक्षरों को साक्षर बनाने का कार्य किया जा रहा है ।
इसी तारतम्य में पुणे में कोरबा जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के आंकड़ों को दर्शाया गया ।
श्रीमती ज्योति शर्मा ने पुणे से वापस आकर बताया कि अभी जितने भी असाक्षरों के नाम की भी एंट्री की जा रही है।
इन सभी को 2027 तक साक्षर कर लिया जाएगा। इस हेतु नवमी से बारहवीं के बच्चों को असाक्षरों को पढ़ाने का कार्य दिया गया है, दसवीं और बारहवीं के छात्र छात्राएं के द्वारा 10 असाक्षरों को पढ़ाने पर 10 अंक वोट परीक्षा में बोनस भी दिए जा रहे हैं ।
जिससे स्कूल बच्चों में भारी उत्साह है ।
अभी पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ के दसवीं और बारहवीं बोर्ड कक्षाओं के हजारों बच्चों को 10 अंक देकर प्रोत्साहित किया गया।
जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, कोरबा
