रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में सोमवार को महाकाव्य रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी तथा राष्ट्रीय मंत्री व प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू ने पुष्पांजलि कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों के साथ महर्षि वाल्मीकि के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया।
इस पुष्पांजलि कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री द्वय अखिलेश सोनी व डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज सहित प्रदेश पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने महर्षि वाल्मीकि के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प दोहराया।
महर्षि वाल्मीकि का संदेश वर्ग-विहीन, समतामूलक और मर्यादापूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है : भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति इरानी
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी श्रीमती इरानी ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को आदि कवि, ज्ञान, समरसता और तपस्या के पावन प्रतीक महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल रामायण के रचनाकार ही नहीं, अपितु भारतीय सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता के मूल स्तंभ हैं। जब विश्व में साहित्य और सभ्यताएँ अपनी शैशवावस्था में थीं, तब महर्षि वाल्मीकि ने हमें ‘रामायण’ जैसा अलौकिक महाकाव्य दिया। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श चरित्र के माध्यम से धर्म, कर्तव्य, न्याय, मातृ-पितृ भक्ति और लोक-कल्याण का शाश्वत मार्ग प्रशस्त किया। महर्षि वाल्मीकि का जीवन दर्शन हमें सिखाता है कि संकल्प, साधना और ईश्वर भक्ति से व्यक्ति का आंतरिक रूपांतरण संभव है और कोई भी व्यक्ति अपने कर्मों से महान बन सकता है। उनका संदेश वर्ग-विहीन, समतामूलक और मर्यादापूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी श्रीमती इरानी ने इस अवसर पर कहा कि आज जब हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र पर आगे बढ़ रहा है, तब महर्षि वाल्मीकि के समरसता और अंत्योदय के आदर्श हमारे पथप्रदर्शक हैं। प्रभु श्री राम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में हम सब मिलकर सामाजिक एकता, नारी सम्मान और गरीब-कल्याण के संकल्प को निरंतर सशक्त कर रहे हैं।
