भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की RAMP योजना के अंतर्गत दिनांक 4 नवंबर 2026 को शासकीय आईटीआई, कोंडागांव में “हरित पैकेजिंग एवं सतत समाधान (Green Packaging and Sustainable Solutions)” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा किया गया, जिसमें PHDCCI ने उद्योग भागीदार (Industry Partner) के रूप में सहभागिता की।
कार्यक्रम में श्री धीरेन्द्र मिश्रा, अध्यक्ष, आईटीआई कोंडागांव एवं संस्थापक, एग्रोकैट्स सोसायटी फॉर रूरल डेवलपमेंट ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सतत पैकेजिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके माध्यम से MSME इकाइयां अपशिष्ट को कम कर सकती हैं, कार्यक्षमता में सुधार ला सकती हैं, पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाओं को अपना सकती हैं तथा बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ा सकती हैं।
श्री वीरेंद्र तांडेकर, सहायक संचालक, उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन ने MSME के दीर्घकालीन विकास में हरित पैकेजिंग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 का उल्लेख करते हुए उद्योगों को पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों एवं संसाधन-कुशल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
श्री आनंद वर्धन, SPIU टीम, CSIDC ने हरित पैकेजिंग विषय पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने जैव अपघटनीय एवं पुनर्चक्रण योग्य पैकेजिंग विकल्पों, अपशिष्ट में कमी तथा संसाधनों के कुशल उपयोग से संबंधित उत्पादन प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सतत पैकेजिंग अपनाने से MSME इकाइयां अपनी परिचालन लागत कम करने के साथ-साथ बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ा सकती हैं।
डॉ. करण चंद्राकर, संस्थापक एवं CEO, एग्रोफेब सस्टेनेबल प्राइवेट लिमिटेड ने टिकाऊ एवं जैव अपघटनीय सामग्रियों के उपयोग से विकसित किए जा रहे नवीन पैकेजिंग समाधानों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कृषि संसाधनों के प्रभावी उपयोग, प्लास्टिक कचरे में कमी तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री अरुण कुमार सिंह, DDO एवं संयुक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने हरित पैकेजिंग को प्रोत्साहित करने में तकनीकी संस्थानों एवं कौशल विकास की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं को व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करने तथा उभरते हुए सतत पैकेजिंग क्षेत्र में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में श्री सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, PHDCCI, छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर ने आभार प्रदर्शन किया तथा सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
