महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार से नवाजे गए सेवानिवृत प्राचार्य डॉ बालकृष्ण तिवारी:-
रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माध्यमिक शिक्षा मंडल बैठक हाल में छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा संस्कृत विद्वानों तथा मेघावी छात्रों का सम्मान किया गया।
जहां सेवानिवृत प्राचार्य डॉ बालकृष्ण तिवारी जी को महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार से नवाजा गया, जिनका संस्कृत भाषा को संजोय रखने ,उल्लेखनीय कार्यों तथा समर्पण को देखते हुए महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार दिया गया।
छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज, योग आयोग अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा जी, गिरीश देवांगन मुख्य अतिथि रहे।
डॉ बालकृष्ण तिवारी जी को विगत वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार संस्कृत भाषा सम्मान दिया गया था, तथा छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के 21 प्रकांड विद्वानों में डॉ बालकृष्ण तिवारी जी का नाम दर्ज है।
डॉ बालकृष्ण तिवारी जी ने मीडिया से चर्चा के दौरान अपने गुरु स्व.डॉ रामनिहाल शर्मा जी को स्मरण किया और भावुक होते हुए कहा कि वे मेरे शोध कार्य के निर्देशक थे और उन्ही के चरणों में रह कर मैने 30 वर्षों तक शोध कार्य के लिए अध्ययन किया है।
डॉ साहब ने बताया कि मेरे गुरू सिर्फ राज्य के नही बल्कि राष्ट्रिय स्तर के विद्वान थे और उनसे बढ़कर प्रदेश में कोई विद्वान नही है।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के बैठक हाल में संपन्न हुआ जहां छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चिंतामणि महाराज, योग आयोग अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, खनिज विभाग अध्यक्ष गिरीश देवांगन,छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम के अध्यक्ष सुरेश शर्मा जी, तयोनिधि वैष्णव अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्त्ता भारी संख्या में मौजुद रहे।
