नई दिल्ली. अडानी ग्रुप एक बार फिर से कर्ज जुटाने के लिए बॉन्ड का सहारा ले सकता है। रॉटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार ग्रुप की 2 कंपनियां बॉन्ड मार्केट से 1500 करोड़ रुपये का फंड जुटाना चाह रही हैं। रिपोर्ट्स की माने तो समूह इस वित्तीय वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा करने की योजना है।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने प्लान पर फेर दिया पानी
अडानी ग्रुप की योजनाओं पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पानी फेर दिया था। जनवरी में जारी हुए इस रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप की कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसके बाद से अडानी ग्रुप बॉन्ड मार्केट को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने लगा था। लेकिन अब इस रिपोर्ट को आए कई महीने बीत चुके हैं। और इस समूह को कई प्राइवेट फंड कंपनियों का इंवेस्टमेंट मिला है।
कौन सी 2 कंपनियां जुटाएंगी फंड
रॉटर्स को बैंकर्स ने बताया है कि अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन कंपनी 1000 करोड़ रुपये से 1500 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास बॉन्ड के जरिए कर रही है। दोनों कंपनियों 5 साल का बॉन्ड लाना चाहती हैं। इस प्लान की जानकारी रखने वाले बैंकर्स के अनुसार सिंतबर में ये बॉन्ड जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, इस मसले पर अडानी ग्रुप की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
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इन कंपनियों की नजर भी बॉन्ड मार्केट पर
रिपोर्ट्स के अनुसार अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) और अडानी इलेक्ट्रिसिटी भी संभावित कर्ज लेने के लिए प्रयास कर रहे हैं। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार समूह हिंडनबर्ग मामले पर चल रही सेबी की जांच का इंतजार कर रहा है। उम्मीद है कि यह सोमवार को सब्मिट किया जाएगा।
