थायराइड की समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को परेशान करती है। ये भी एक तरह का हार्मोनल इंबैलेंस है जो फूड को एनर्जी में ठीक तरीके से नहीं बदल पाता। थायराइड टी3 यानी ट्राईआयोडोथायरोनिन और टी4 यानी थायरॉक्सिन हार्मोन को प्रोड्यूस करता है। इन हार्मोंस की मदद से सांस, डाइजेशन, बॉडी टेंपरेचर, हड्डियां, मांसपेशियां, कोलेस्ट्रॉल और दिल की धड़कन को बैलेंस करने में मदद मिलती है। जब ये हार्मोंस का बैलेंस गड़बड़ हो जाता है तो उसे थायराइड की प्रॉब्लम कहते हैं। ये समस्या महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। वैसे तो थायराइड होने पर कुछ लक्षण काफी कॉमन दिखते हैं। लेकिन इन कॉमन लक्षणों के अलावा महिलाओं में अगर ये समस्या दिख रही है तो फौरन थायराइड की जांच कराना जरूरी होता है।
नींद ना आने की समस्या
कुछ लोगों को थायराइड में नींद नहीं आती।
वहीं कुछ महिलाएं गहरी नींद ना आने, या फिर नींद आने के बावजूद थकान महसूस करती हैं।
सुबह उठते वक्त बहुत ही थकी हुई महसूस होती हैं। बिस्तर से उठना और डेली रूटीन के काम करने में भी खुद को असमर्थ महसूस करती हैं।
लो लिबिडो
लो लिबिडो एक तरह की सेक्शुअल प्रॉब्लम है। जिसमे महिलाओं को सेक्स की इच्छा बहुत कम महसूस होती है।
हार्मोंस के बैलेंस ना होने पर बिस्तर पर बहुत थकान महसूस होती है।
थकान और कमजोरी
लगातार बैठे रहने और आराम करने के बावजूद कमजोरी महसूस होती है और थकान लगती है। जिसकी वजह से किसी भी काम को करने में मुश्किल होती है।
थायराइड के ये लक्षण है कॉमन
वजन बढ़ना
ब्रेन फॉग यानी चीजें भूलना
आवाज में बदलाव
कमजोरी महसूस होना
बाल ड्राई और मोटे
स्किन काफी ड्राई
कब्ज की समस्या
थकावट
पीरियड्स में गड़बड़ी
ठंड ना बर्दाश्त कर पाना
ब्लड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
मसल्स में दर्द
दिल की धड़कना धीमे होना
डिप्रेशन भी हो जाना
हाइपोथायराइड में दिखते हैं ये लक्षण
थायराइड ग्रंथ बढ़ना
घबराहट, बेचैनी महसूस होना
कंपकंपी लगना
तनाव
वजन गिरना
आंखों में जलन
