“आज जांजगीर में बिलासपुर संभाग के महिला आयोग के संभाग स्तरीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया।”
जांजगीर-चांपा / 27 सितंबर 2023 / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने आज कलेक्टर सभा कक्ष, जांजगीर-चांपा में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 228वीं व जिला स्तर पर 08वीं सुनवाई हुई। जांजगीर जिले में आयोजित जनसुनवाई में कुल 32 प्रकरणो में सुनवाई की गई, जिसमें 09 प्रकरण नस्तिबद्ध हुये तथा आज जांजगीर में बिलासपुर संभाग के महिला आयोग के संभाग स्तरीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। परिवार परामर्श केन्द्र में जहां पर महिला आयोग के सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय जी नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे।
आज के सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने शपथ-पत्र पर अपना हस्ताक्षर स्वीकार किया। आवेदन पत्र पर अपना हस्ताक्षर अस्वीकार किया, इसलिए आवेदन को खारिज करते हुए प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में अनावेदकगण ग्राम सोनादह के उप सरपंच के साथ सतनामी समाज के लगभग 30 लोग उपस्थित।आवेदिका ने बताया कि वह अपने परिवार में अकेली महिला है इसलिए वह आवेदिका की सहेली के साथ रहती है। उसके घर में 05 लड़कों ने शराब की खाली बोतल फेंक कर मारने का प्रयास किया था जिस पर उनके खिलाफ आवेदिका की सहेली ने धारा 151, 107, 116 CRPC के तहत थाना बिर्रा में अपराध दर्ज हुआ था जिसमें आवेदिका ने अपना गवाह दिया था जिस पर सभी अनावेदकगणों ने आवेदिका को कहा कि वह आवेदिका की सहेली के पक्ष पर गवाह मत दे एवं उसके साथ रहना आना जाना छोड़ दें। आवेदिका के मना करने पर सभी अनावेदकगणों ने आवेदिका का सामाजिक बहिस्कार कर दिया है तथा गांव के दुकान से उसे काई समान नहीं देता तथा उससे कोई बातचीत भी नहीं करता। अनावेदक पक्ष से पूछताछ किया गया। उनका कहना है कि उनके सामाजिक बैठक में आवेदिका की सहेली ने जातिगत गालिया दिया था जिसका उनके पास कोई दस्तावेज या गवाह नहीं है। इसी मामले में सभी अनावेदकगण पुलिस प्रशासन पर दबाव डाल रहे है कि उनके कहे अनुसार आवेदिका की सहेली पर एफआईआर दर्ज किया जावे तथा उसी में आवेदिका को गवाह देने के लिए दबाव डाला जा रहा है। सामाजिक बहिस्कार करना मानव के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। तथा इस पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है इसकी समझाईस अनावेदक पक्ष को दिया गया।अनावेदकगण द्वारा कहा गया कि उनके द्वारा कोई सामाजिक बहिष्कार नहीं किया गया है।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसमें स्थल निरीक्षण औचक रूप से किया जाना आवश्यक है। इस हेतु जांजगीर प्रभारी महिला आयोग की सदस्य अर्चना उपाध्याय को फाईल दिया जाता है व सखी सेंटर की केन्द्र प्रशासक को तथा प्रोटेक्शन आफीसर को जिम्मेदारी दी जाती है कि आपस में तिथि तय कर आवेदिका के गांव में औचक निरीक्षक कर स्थिति स्पष्ट करें कि क्या वास्तव में आवेदिका का सामजिक बहिष्कार किया गया है या नहीं ? उसी के अनुसार अपना रिपोर्ट दो माह में प्रस्तुत करें। रिपोर्ट मिलने पर आयोग को प्रस्तुत किया जाये उसके बाद आगे कार्यवाही किया जायेगा।
अन्य प्रकरण में दोनों पक्षों को सुना गया दोनों का साथ में जीवन यापन करना संभव नहीं है। दोनों आपसी राजीनामा से तलाक लेना चाहते है। उभयपक्ष को तलाक लेने हेतु उपयुक्त सलाह एवं वकील देने हेतु सखी सेंटर द्वारा सहायता किया जायेगा। इसी सलाह के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है।
अन्य प्रकरण में दोनों पक्षों को विस्तार से सुना गया। आवेदिका के पिता ने थाना पामगढ़ में दि 09.12.2022 को धारा 363 के तहत रिपार्ट दर्ज कराया था। उसके पश्चात आवेदिका ने दिनांक 16.02.2023 को अनावेदक के विरूद्ध धारा 354घ, 509क, आईपीसी के तहत थाना जांजगीर में प्रकरण दर्ज करायी। चूंकि दो-दो मामले पुलिस के विवेचना में आ चुके है इसलिए आवेदिका का समझाया गया. कि संबंधित न्यायालय में अधिवक्ता के माध्यम से प्रकरण में पैरवी कर कार्यवाही करें। आवश्कतानुसार निःशुक्ल विधिक सहायता से वकील प्राप्त करें। इसके साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उभय पक्षों के बीच मामले न्यायालय से चल रहे हैं। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण नस्तीबद्ध किया जाता है।
अन्य प्रकरण में थाना बाकीमोंगरा कोरबा के द्वारा आवेदिका को दी गयी नोटिस के पिछले भाग पर वहां की पार्षद ने प्रमाणित किया है कि आवेदिका का पता गलत होने पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक के विरुद्ध 498ए का मामला दर्ज कराया है। प्रकरण न्यायालय में होने के कारण नस्तीबद्ध किया गया।
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