नियमितीकरण, सेवा समाप्ति की मांग न करने एवं धरना प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की शपथ-पत्र माँगा जाना मौलिक अधिकारों का हनन : गोपाल प्रसाद साहू
एससीजी न्यूज़…रायपुर(14फरवरी2023)। क्र./पत्र/2023/120 के माध्यम से जानकारी प्रदाय की गई कि छत्तीसगढ़ शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वार 09.02.2023 को जारी आदेश अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में रिक्त पदों में कलेक्टर दर पर नियुक्त किये जाने वाले अनियमित कर्मचारियों से नियमितीकरण की मांग तथा सेवा समाप्त न किये जाने हेतु मांग न करने एवं धरना प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की शपथ-पत्र माँगा जाना प्रदेश के पढ़े-लिखे नौजवानों के मौलिक अधिकारों का हनन एव इस प्रकार के बिंदु सेवा शर्तों में जोड़ा जाना निरंकुश प्रशासन का द्योतक है। इस प्रकार की अनियमित कर्मचारी दमनकारी आदेश 13.09.2022 को सामान्य प्रशासन द्वारा भी जारी किया गया था, जिसमें अनियमित कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में जाते है तो उनके स्थान पर दूसरा नियुक्त किये जाने का निर्देश है। सरकार अपने वादे के अनुरूप अनियमित कर्मचारियों को नियमित न कर विभिन्न प्रकार की आदेश निर्देशों के माध्यम से प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारियों के आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा इस प्रकार के किसी भी आदेश/निर्देश/प्रावधान का कड़े शब्दों में निंदा करता है और मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध करते है, की प्रकार की आदेश/निर्देशों को रद्द करने हेतु निर्देशित करने का कष्ट करें।
नियमितीकरण, सेवा समाप्ति की मांग न करने एवं धरना प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की शपथ-पत्र माँगा जाना मौलिक अधिकारों का हनन : गोपाल प्रसाद साहू
न्यूज़…रायपुर(14फरवरी2023)। क्र./पत्र/2023/120 के माध्यम से जानकारी प्रदाय की गई कि छत्तीसगढ़ शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वार 09.02.2023 को जारी आदेश अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में रिक्त पदों में कलेक्टर दर पर नियुक्त किये जाने वाले अनियमित कर्मचारियों से नियमितीकरण की मांग तथा सेवा समाप्त न किये जाने हेतु मांग न करने एवं धरना प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की शपथ-पत्र माँगा जाना प्रदेश के पढ़े-लिखे नौजवानों के मौलिक अधिकारों का हनन एव इस प्रकार के बिंदु सेवा शर्तों में जोड़ा जाना निरंकुश प्रशासन का द्योतक है। इस प्रकार की अनियमित कर्मचारी दमनकारी आदेश 13.09.2022 को सामान्य प्रशासन द्वारा भी जारी किया गया था, जिसमें अनियमित कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में जाते है तो उनके स्थान पर दूसरा नियुक्त किये जाने का निर्देश है। सरकार अपने वादे के अनुरूप अनियमित कर्मचारियों को नियमित न कर विभिन्न प्रकार की आदेश निर्देशों के माध्यम से प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारियों के आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा इस प्रकार के किसी भी आदेश/निर्देश/प्रावधान का कड़े शब्दों में निंदा करता है और मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध करते है, की प्रकार की आदेश/निर्देशों को रद्द करने हेतु निर्देशित करने का कष्ट करें।
